
अतरौली: स्कूल वाहनों के भौतिक सत्यापन की समय सीमा बढ़ाने और नियमों में रियायत की मांग, वित्तविहीन विद्यालय प्रबन्धक महासभा ने सौंपा ज्ञापन
👉अतरौली (अलीगढ़)। वित्तविहीन विद्यालय प्रबन्धक महासभा की एक आवश्यक बैठक जिलाध्यक्ष श्री योगेश भारद्वाज एवं अध्यक्ष श्री बिट्टू शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में परिवहन विभाग और शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों को जारी किए गए नवीन निर्देशों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। इसके पश्चात महासभा के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अतरौली को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
अभिभावकों के निजी वाहनों की जिम्मेदारी लेना असंभव
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि परिवहन विभाग द्वारा स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वे पोर्टल पर वाहनों का विवरण अपलोड करें और भौतिक परीक्षण कराएं। महासभा का कहना है कि अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को निजी ई-रिक्शा या निजी वाहनों से स्कूल भेजते हैं। ऐसे वाहनों की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन द्वारा लेना पूरी तरह से असंभव है। सरकार द्वारा निजी वाहनों को अनुबंधित कर व्यावसायिक श्रेणी में लाने का निर्देश भी व्यावहारिक नहीं है।
प्रबंधन ने रखी ये मांगें
महासभा ने मांग की है कि स्कूल केवल अनुबंधित वाहनों के दस्तावेज (आरसी, बीमा, प्रदूषण, लाइसेंस, आधार कार्ड) प्राप्त कर विभाग को प्रेषित कर देगा, इससे आगे की जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होनी चाहिए। साथ ही, भौतिक परीक्षण और पोर्टल पर विवरण अपलोड करने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 20 मई 2026 करने की मांग की गई है, ताकि स्कूल संचालक समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कर सकें।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर दिवाकर भारद्वाज, पवन शर्मा, रविंद्र राजपूत, कपिल कुमार, सूरजपाल सिंह, योगेश राजपूत, राजेश शर्मा, राजपाल सिंह यादव, गिरीश यादव, अंकित यादव, गौरव शर्मा, पंकज शर्मा, सुनील सक्सेना, मनु देव भारद्वाज, चंद्रभान सिंह लोधी, ललित वर्मा, उमेश कुमार, साबर सिंह और रामेश्वर दयाल सहित दर्जनों विद्यालय संचालक उपस्थित रहे। ज्ञापन की प्रतियां बेसिक शिक्षा मंत्री, जिलाधिकारी अलीगढ़ और डीआईओएस को भी प्रेषित की गई हैं।
