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अमरोहा में कांवड़ियों की सेवा के लिए लगा विशेष स्वास्थ्य शिविर, फिजियोथैरेपी छात्रों ने दिया उपचार

अमरोहा। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की सेवा और स्वास्थ्य सुरक्षा के उद्देश्य से अमरोहा जनपद के रहरा कस्बे में 13 व 14 फरवरी को दो दिवसीय विशेष स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में फिजियोथैरेपी के छात्रों और वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम ने सैकड़ों कांवड़ियों को नि:शुल्क उपचार और परामर्श प्रदान किया।

शिविर का संचालन वरिष्ठ डॉक्टर शिवम के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान मंगलायतन यूनिवर्सिटी के बीपीटी (बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी) के छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी सेवाएं दीं। छात्रों ने थके हुए और शारीरिक पीड़ा से जूझ रहे कांवड़ियों को फिजियोथैरेपी के माध्यम से राहत पहुंचाई।

कांवड़ यात्रा के दौरान लंबी दूरी पैदल तय करने के कारण श्रद्धालुओं को पैरों में सूजन, मांसपेशियों में खिंचाव, कमर दर्द और कंधों में जकड़न जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में रहरा में लगाए गए इस दो दिवसीय शिविर ने कांवड़ियों के लिए राहत का कार्य किया। शिविर में विशेष रूप से मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग, मसाज थेरेपी, दर्द निवारक व्यायाम और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

मंगलायतन यूनिवर्सिटी के बीपीटी छात्र अनुराग सौरभ ने बताया कि यह उनके लिए एक सीखने और समाज सेवा का अनूठा अवसर है। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की सेवा कर उन्हें आत्मिक संतोष की अनुभूति हुई। वहीं जयसिंह गुप्ता, सोनू कुमार और आयुष सिंह ने भी पूरी निष्ठा से सेवाएं देते हुए कांवड़ियों को आवश्यक उपचार प्रदान किया।

सीनियर डॉक्टर शिवम ने बताया कि कांवड़ यात्रा आस्था का प्रतीक है और इस दौरान श्रद्धालु कई किलोमीटर की कठिन यात्रा तय करते हैं। ऐसे में चिकित्सा सहायता बेहद जरूरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को समाज सेवा में आगे आना चाहिए और चिकित्सा क्षेत्र के छात्रों के लिए इस प्रकार के शिविर अनुभव बढ़ाने का बेहतरीन माध्यम होते हैं।

शिविर में पहुंचे कांवड़ियों ने उपचार प्राप्त करने के बाद आयोजकों और चिकित्सकीय टीम को आशीर्वाद दिया। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि लंबे सफर के बाद उन्हें यहां तत्काल राहत मिली, जिससे वे अपनी यात्रा को आगे जारी रख सके।

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के शिविर कांवड़ यात्रा के दौरान अत्यंत आवश्यक हैं। आयोजन समिति ने भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया।

दो दिनों तक चले इस सेवा शिविर में बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने लाभ उठाया। चिकित्सा टीम की तत्परता और समर्पण ने यह साबित कर दिया कि समाज सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। अमरोहा के रहरा कस्बे में आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर न केवल उपचार का केंद्र बना, बल्कि सेवा और मानवता की मिसाल भी प्रस्तुत कर गया।

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