*आधार कार्ड में पिता की उम्र 30 बेटे की उम्र 38 वर्ष*
एसडीएम व ईओ ने सुनीं निर्वाचकों की समस्या
22/01/2026
👍अतरौली, संवाददाता। निर्वाचकों की समस्याएं उम्र को लेकर अधिक सामने आ रही एसआईआर को लेकर सुनवाई कर रहे अधिकारियों के सामने भी ऐसे मामले आ रहे हैं। पिता पुत्र को आज 22 जनवरी को नगर पालिका परिषद में परिवार के सभी सदस्यों के अलावा उम्र से संबधित दस्तावेज लेकर आने के लिए कहा गया है। नगर के मौहल्ला चौधरियान में रहने वाले रहमत खां पुत्र गुलाम खां के परिवार में बेटा बेटियां है। सबसे बड़े बेटे की उम्र आधार कार्ड के अनुसार करीब 38 वर्ष की है। जब कि पिता रहमत खां की उम्र 30 साल आधार कार्ड में है। रहमत खां के बेटे बरकत ने बताया कि पहले वह नगर के दूसरे मोहल्ले में रहते थे। अब मौहल्ला चौधरियान में परिवार रहता है। आधार कार्ड में पता बदलवाने के बाद उम्र गड़बड़ी कर दी है। इसे सुधारने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
इस संबध में बरकत खां ने बताया कि आज गुरूवार को फिर से अपने सभी दस्तावेज लेकर नगर पालिका परिषद में जायेगें।
ईओ अमिता वरूण ने बताया कि आधार कार्ड में उम्र को लेकर काफी तृटियां देखने को मिल रही है मगर उम्र का समाधान शैक्षिक प्रमाण पत्र के अलावा पेन कार्ड पर दी गयी उम्र से किया जा सकता है। अतरौली, संवाददाता। एसआईआर के संबध में आज एसडीएम सुमित सिंह ने निर्वाचकों की सुनवाई की वहीं नगर पालिका परिषद की ईओ अमिता वरूण ने भी नगर के निर्वाचकों की समस्याओं को सुना। पहले दिन आये अधिकांश लोगों के पास एसआईआर की शर्तो को पूरा करने वाले कागजात नहीं थे। इस लिए उनको जरूरत के कागजात लेकर आने के लिए कहा गया है। आज गुरूवार को फिर से सुनवाई होगी। लगातार होने वाली यह सुनवाई 4 फरवरी तक चलेगी। तहसील मुख्यालय पर एसडीएम सुमित सिंह ने एसआईआर से संबधित भेजे गये नोटिसों के बाद निर्वाचक एसडीएम से मिले। एसडीएम ने निर्वाचकों को एसआईआर के फार्म की शर्तो को पूरा करने के बाद ही निर्वाचक की समस्या का समाधान हो सकेगा। आज 17 निर्वाचकों की समस्याओं का समाधान किया गया। एसडीएम ने बताया कि करीब 150 निर्वाचकों को नोटिस भेजे गये हैं जिनकी सुनवाई की जा रही है। इधर नगर में भी काफी संख्या में निर्वाचकों के नामों और उम्र में अंतर सामने आ रहा है। निर्वाचकों की नाम पते सही करने के लिए उसके पास स्थायी कागजात होने जरूरी है। उम्र के लिए भी जरूरी कागजात चाहिए। नगर पालिका परिषद की ईओ अमिता वरूण ने बताया कि करीब पचास लोगों को सुना गया। कुछ लोगों के पास आवश्यक कागजात नहीं होने के कारण उनको 22 जनवरी को फिर से बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि यह सुनवाई चार फरवरी तक चलेगी। ईओ ने कहा कि सरकार की ओर से मांगे गये 13 विंदुओं में से एक दस्तावेज का होना जरूरी है।
