डिबाई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कर्णवास के निवासी दिव्यांग युवक संजू इन दिनों सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। आर्थिक तंगी और शारीरिक असमर्थता के बावजूद संजू हार मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार उन्हें एक इलेक्ट्रिक रिक्शा उपलब्ध करा दे, तो वह आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मानपूर्वक कर सकते हैं।
संजू बचपन से ही दिव्यांगता से जूझ रहे हैं। सीमित संसाधनों के कारण उनके लिए स्थायी रोजगार पाना बेहद कठिन रहा है। मजदूरी जैसे कार्य करना उनके लिए संभव नहीं, वहीं परिवार की आर्थिक स्थिति भी इतनी मजबूत नहीं कि वे स्वयं ई-रिक्शा खरीद सकें। ऐसे में उन्होंने शासन-प्रशासन से विनम्र अपील की है कि उन्हें किसी सरकारी योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रिक रिक्शा उपलब्ध कराया जाए।
ग्राम कर्णवास के स्थानीय लोगों का कहना है कि संजू मेहनती और स्वाभिमानी युवक हैं। वे भीख नहीं, बल्कि काम का अवसर मांग रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यदि उन्हें ई-रिक्शा मिल जाए तो वे रोजाना मेहनत कर अपनी आजीविका चला सकते हैं और परिवार पर बोझ बनने के बजाय सहारा बन सकते हैं। यह मांग केवल एक व्यक्ति की सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करने का कदम होगी।
संजू ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं की जांच कर उन्हें लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार यदि एक बार सहयोग कर दे, तो वे किसी पर निर्भर नहीं रहेंगे। उनकी इस गंभीर अपील ने क्षेत्र में संवेदना और चर्चा दोनों को जन्म दिया है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि उनकी इस मांग पर कितना शीघ्र संज्ञान लेते हैं। यदि समय रहते सहायता मिलती है, तो यह कदम एक दिव्यांग युवक के जीवन में नई रोशनी ला सकता है और समाज के लिए प्रेरणा भी बन सकता है।
