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खाड़ी देशों पर निर्भरता घटाएगा भारत, कच्चे तेल के लिए नई रणनीति तैयार

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत ने अपनी कच्चे तेल आयात नीति में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। सरकार ने एक ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है, जिसके तहत अब देश की 85-88 प्रतिशत तेल आयात निर्भरता गैर-खाड़ी देशों से पूरी करने की रणनीति बनाई गई है।

सूत्रों के अनुसार, अब भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस, अमेरिका और नाइजीरिया जैसे देशों से अधिक मात्रा में कच्चा तेल खरीदेगा। इस कदम का उद्देश्य आपूर्ति में स्थिरता लाना और खाड़ी क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना है।

पिछले कुछ समय में पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और अस्थिरता के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में सरकार ने पहले से ही वैकल्पिक स्रोतों की तलाश शुरू कर दी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का असर कम करेगी।

ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, रूस से रियायती दरों पर तेल खरीद ने भारत को पहले ही काफी राहत दी है। वहीं, अमेरिका और अफ्रीकी देशों से आयात बढ़ाने के लिए भी दीर्घकालिक समझौते किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस नई नीति से न केवल आपूर्ति विविधीकरण होगा, बल्कि कीमतों में संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। हालांकि, परिवहन लागत और लॉजिस्टिक्स जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

कुल मिलाकर, यह मास्टर प्लान भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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