जगदलपुर | कोटपाड़ थाना क्षेत्र में मवेशियों से भरा कंटेनर पलटा, 50 से अधिक गायों की मौत
जगदलपुर जिले के कोटपाड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत घुमर गांव के पास सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मवेशियों से भरा एक कंटेनर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया, जिसमें कंटेनर में लदी 50 से अधिक गायों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया, वहीं ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात एक कंटेनर के माध्यम से बड़ी संख्या में मवेशियों को अवैध रूप से कोटपाड़ क्षेत्र से घुमर मार्ग होते हुए आंध्रप्रदेश ले जाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि कंटेनर में क्षमता से अधिक मवेशी भरे गए थे। अत्यधिक भार और तेज रफ्तार के कारण वाहन चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे कंटेनर असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गया।
हादसा इतना गंभीर था कि कंटेनर में फंसी अधिकांश गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कुछ मवेशी गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। कोटपाड़ थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और हालात का जायजा लिया।
पुलिस ने घटनास्थल पर क्रेन की मदद से कंटेनर को सीधा कराया और मृत मवेशियों को बाहर निकाला गया। पशु चिकित्सा विभाग को भी सूचना दी गई, जिसके बाद घायल मवेशियों के उपचार की व्यवस्था की गई। मृत गायों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी प्रशासन की निगरानी में कराई गई।
प्रारंभिक जांच में यह मामला मवेशियों की अवैध तस्करी से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, बिना वैध दस्तावेजों और अनुमति के मवेशियों को दूसरे राज्य ले जाया जा रहा था। कंटेनर चालक हादसे के बाद मौके से फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने कंटेनर को जब्त कर लिया है और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और पशु प्रेमियों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से मवेशियों की अवैध तस्करी की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लेने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद तस्करी में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जिले में मवेशी परिवहन पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
यह हादसा न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि पशुओं के प्रति मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर देता है। प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे अमानवीय कृत्यों पर रोक लगे और मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
