
जब जनता अपनी समस्या लेकर जाती है, तो सवाल समस्या का समाधान करने का होना चाहिए, न कि यह कि “तुम किसके आदमी हो?”
अतरौली क्षेत्र में यह चर्चा लगातार सामने आ रही है कि अगर कोई व्यक्ति किसी जनप्रतिनिधि के पास अपनी समस्या लेकर जाता है, तो उससे पहले यह पूछा जाता है कि वह “गगन के आदमी तो नहीं हो?”
मेरे साथ किसी की फोटो होने मात्र से लोगों को डराया-धमकाया जाना, यह स्पष्ट संकेत है कि कहीं न कहीं घबराहट और असुरक्षा की भावना है।
इस फोटो में जो साथी सामने दिखाई दे रहे हैं, वे हमारे टीम के साथ जुड़े हुए हैं। संभव है कि वे किसी गांव की समस्या को लेकर बात करने गए हों। लेकिन अगर उन्हें वहां डराया गया, दबाव बनाया गया, तो यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।
मैं साफ कहना चाहता हूं हम राजनीति बदले की भावना से नहीं, बल्कि जनता की सेवा और उनके अधिकार की रक्षा के लिए कर रहे हैं। अगर किसी के पास हमारे साथ फोटो है, तो वह कोई अपराध नहीं है। हम जनता के बीच हैं, जनता के साथ हैं, और जनता के लिए खड़े रहेंगे। अतरौली की जनता डरने वाली नहीं है। सच्चाई और हक की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
गगन लोधी अतरौली
