जय श्री कृष्ण होली महोत्सव के विवेचना यह है की होली बहन फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी दिन सोमवार को प्रदोष बेला साय:6:15 से रात्रि 8:15 तक प्रदोष मेला में होलिका दहन होगा क्योंकि धर्म सिंधु के अनुसार प्रदोष काल को विशेष महत्व है क्योंकि फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी पूर्णिमा मंगलवार को रंग होली दुलंदी मनाई जाती है दोनों दोनों में दोनों में तार पुष्प का लाभ प्राप्त है 5:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक स्नान का पुण्य माना गया है आचार्य रमेश चंद्र भारद्वाज नवल नरोरा छोटी काशी
