दक्षिणी ईरान के होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब शहर में एक गर्ल्स स्कूल पर कथित अमेरिका-इजरायल हवाई हमले की खबर सामने आई है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार इस हमले में 57 छात्राओं की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश में गहरा शोक और आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक यह हमला हालिया सैन्य तनाव के दौरान हुआ, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर कई स्थानों को निशाना बनाया है। परिषद का कहना है कि सशस्त्र बलों ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है और देश अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। एहतियात के तौर पर स्कूल-कॉलेज अगली सूचना तक बंद कर दिए गए हैं, जबकि सरकारी दफ्तर 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ काम कर रहे हैं। बैंकों और जरूरी सेवाओं को जारी रखने की बात कही गई है, ताकि आम लोगों को दिक्कत न हो।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि देश युद्ध नहीं चाहता था, लेकिन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना उसकी जिम्मेदारी है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप और तनाव कम कराने की अपील भी की है। वहीं, इजरायल के रक्षा मंत्री ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम ईरान की कथित खतरनाक गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया
