दम तोड़ने से पहले बेटी को आखिरी फोन… कर्नाटक में भी
‘चाइनीज मांझे’ का कहर
इंदौर और दिल्ली के बाद अब कर्नाटक में भी प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बीदर जिले में तलामदगी ब्रिज के पास पतंग उड़ाने में इस्तेमाल की जा रही नायलॉन डोर की चपेट में आने से 48 वर्षीय संजू कुमार होसामणि की दर्दनाक मौत हो गई। तेज धार वाली डोर उनके गले में फंस गई, जिससे मौके पर ही वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद लहूलुहान हालत में संजू कुमार ने दम तोड़ने से पहले अपनी बेटी को फोन कर आखिरी बार बात की। कुछ ही देर में उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
परिजनों ने बताया कि संजू कुमार रोजमर्रा के काम से लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने की मांग फिर से तेज हो गई है।
गौरतलब है कि चाइनीज मांझा पहले भी कई जानलेवा हादसों की वजह बन चुका है, इसके बावजूद चोरी-छिपे इसकी बिक्री जारी है। सवाल यह है कि आखिर कब तक लापरवाही की यह खूनी डोर लोगों की जान लेती रहेगी।
