
पठानकोट पहुँची किसान जागृति यात्रा, रास्ते में हुआ ज़ोरदार स्वागत
7 फ़रवरी को कन्याकुमारी से शुरू हुई किसान जागृति यात्रा आज संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के राष्ट्रीय संयोजक सरदार जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में फतेहगढ़ साहिब से चलकर लुधियाना, कपूरथला, जालंधर और होशियारपुर जिलों से होते हुए पठानकोट पहुँच गई।
यात्रा के दौरान दोराहा, लाडोवाल टोल प्लाज़ा, शुगर मिल चौक फगवाड़ा, मुकेरियां, दसूहा और पठानकोट सहित कई स्थानों पर यात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान हजारों ट्रैक्टर और गाड़ियां यात्रा के काफिले में शामिल हुईं।
भोगपुर और टांडा उड़मुड़ में किसान पंचायतों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर किसान जागृति यात्रा का समर्थन किया। किसानों ने एमएसपी गारंटी कानून लागू करने, किसानों की संपूर्ण कर्जमुक्ति, फसल बीमा योजना में सुधार और गन्ने का एफआरपी बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने जैसी मांगों पर अपनी सहमति जताई।
किसान नेताओं ने बताया कि 19 मार्च को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली किसान महापंचायत में हजारों किसान शामिल होंगे।
इस मौके पर किसानों को संबोधित करते हुए जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि 1994 में हुए जीएटीटी समझौता (वर्तमान में विश्व व्यापार संगठन – WTO) पर भारत सरकार के हस्ताक्षर के बाद भारतीय किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर उस समय किसान जागरूक होकर इसका विरोध करते तो आज सरकार विदेशी व्यापार समझौतों के जरिए भारतीय कृषि को नुकसान पहुंचाने वाले फैसले नहीं कर पाती।
वहीं किसान नेता हरसुलिन्दर सिंह ढिल्लों ने कहा कि यदि भारतीय किसान समय रहते अंतरराष्ट्रीय साजिशों के खिलाफ एकजुट नहीं हुए तो कृषि क्षेत्र को गंभीर और दूरगामी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कार्यक्रम में बलदेव सिंह सिरसा, अमरजीत सिंह रड़ा, सतनाम सिंह बागड़ियां, सुखपाल सिंह डफर, बाबा कंवलजीत सिंह, कंवलजीत सिंह खुशहालपुर सहित कई किसान नेता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
सधन्यवाद
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक)
