मेरठ में झूठी सूचना से 10 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, नाले की सफाई के लिए रची गई साजिश, महिला पर कार्रवाई की तैयारी
मेरठ। शहर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने घर के पास स्थित गंदे नाले की सफाई करवाने के लिए पुलिस और प्रशासन को ही चकमा दे दिया। महिला ने डायल 112 पर फोन कर झूठी सूचना दी कि नाले में एक व्यक्ति गिर गया है। सूचना मिलते ही पुलिस, नगर निगम और प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया और करीब 10 घंटे तक चला एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
घटना मेरठ के एक रिहायशी इलाके की है, जहां लंबे समय से नाले की सफाई नहीं होने के कारण स्थानीय लोग परेशान थे। बताया जा रहा है कि महिला ने कई बार संबंधित विभागों से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद महिला ने कथित तौर पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह नाटकीय कदम उठाया।
डायल 112 पर कॉल मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम, दमकल विभाग और अन्य संबंधित टीमें भी बुला ली गईं। नाले में किसी के गिरने की आशंका के चलते प्रशासन ने बिना देरी किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। नाले की गहराई और गंदगी को देखते हुए जेसीबी मशीनों की मदद ली गई और पूरे नाले की खुदाई व सफाई की गई।
करीब 10 घंटे तक चले इस अभियान में दर्जनों कर्मचारी, पुलिसकर्मी और भारी मशीनरी लगी रही। रेस्क्यू टीम ने नाले के हर हिस्से को खंगाला, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद किसी व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद प्रशासन को सूचना की सत्यता पर संदेह हुआ और मामले की गहन जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि नाले में गिरने की सूचना पूरी तरह झूठी थी। कॉल करने वाली महिला ने सफाई करवाने के उद्देश्य से यह कहानी गढ़ी थी। पूछताछ के दौरान महिला ने कथित तौर पर यह स्वीकार भी किया कि उसने मजबूरी में यह कदम उठाया, क्योंकि बार-बार शिकायत करने के बावजूद नाले की सफाई नहीं हो रही थी और गंदगी व बदबू से लोगों का जीना मुश्किल हो गया था।
हालांकि प्रशासन ने इस कृत्य को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि झूठी सूचना देकर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया है, जिससे न केवल संसाधनों की बर्बादी हुई बल्कि वास्तविक आपात स्थितियों पर भी असर पड़ सकता था। इतने लंबे समय तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में सरकारी धन, समय और मानव संसाधनों का दुरुपयोग हुआ है।
नगर निगम और पुलिस प्रशासन अब महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। महिला पर झूठी सूचना देने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और संसाधनों के दुरुपयोग जैसे आरोपों में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं, इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर नालों की नियमित सफाई होती और शिकायतों पर ध्यान दिया जाता, तो शायद ऐसी स्थिति ही पैदा न होती। फिलहाल पूरे इलाके में नाले की सफाई हो चुकी है, लेकिन महिला की यह ‘तरकीब’ अब उसके लिए कानूनी मुसीबत बनती नजर आ रही है।
