सिगरेट पीना हुआ महंगा, बीड़ी हुई सस्ती, तंबाकू उत्पादों के दामों में बड़ा बदलाव
नई दिल्ली। आम आदमी की जेब पर असर डालने वाला एक बड़ा फैसला सामने आया है। सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर टैक्स ढांचे में बदलाव करते हुए सिगरेट के दामों में करीब 15 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है, जबकि बीड़ी को अपेक्षाकृत सस्ता किया गया है। इस फैसले के बाद बाजार में सिगरेट की कीमतें अचानक बढ़ गई हैं, जिससे धूम्रपान करने वालों को अब ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
सूत्रों के अनुसार सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी और अन्य करों में बढ़ोतरी की गई है। अलग-अलग लंबाई और कैटेगरी की सिगरेट पर यह बढ़ोतरी अलग-अलग प्रतिशत में लागू होगी। प्रीमियम और लंबी सिगरेट सबसे ज्यादा महंगी हुई हैं। दुकानदारों का कहना है कि नई कीमतें लागू होते ही बिक्री पर असर दिखने लगा है और कई ग्राहक अब सस्ती विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर बीड़ी पीने वालों के लिए राहत की खबर है। बीड़ी पर टैक्स में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे इसके दाम लगभग स्थिर या कुछ जगहों पर पहले से सस्ते नजर आ रहे हैं। सरकार का तर्क है कि बीड़ी उद्योग से बड़ी संख्या में ग्रामीण और असंगठित क्षेत्र के मजदूर जुड़े हैं, इसलिए इसमें संतुलन बनाए रखा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सिगरेट महंगी होने के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि कीमतें बढ़ने से खासकर युवा वर्ग में सिगरेट की खपत कम हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी लंबे समय से तंबाकू उत्पादों पर ऊंचा टैक्स लगाने की सिफारिश करता रहा है।
हालांकि कुछ सामाजिक संगठनों ने बीड़ी सस्ती होने पर सवाल उठाए हैं और इसे जनस्वास्थ्य के लिहाज से गलत कदम बताया है। उनका कहना है कि बीड़ी भी उतनी ही नुकसानदायक है जितनी सिगरेट।
कुल मिलाकर तंबाकू उत्पादों के दामों में यह बदलाव न केवल उपभोक्ताओं की आदतों को प्रभावित करेगा, बल्कि स्वास्थ्य और राजस्व दोनों मोर्चों पर इसके दूरगामी असर देखने को मिल सकते हैं।
