डिबाई विधानसभा क्षेत्र ग्राम कर्णवास मे युवा मंगल दल ने बनाया ध्यान दिवस
अध्यक्ष सौरभ कुमार ने बताया कि मानसिक शांति और संतुलन का संदेश
हर वर्ष 21 दिसंबर को ध्यान दिवस मनाया जाता है। यह दिन मनुष्य के जीवन में मानसिक शांति, आत्म-संतुलन और सकारात्मक सोच के महत्व को रेखांकित करता है। आज की तेज़ रफ्तार और तनावपूर्ण जीवनशैली में ध्यान एक ऐसी विधा बनकर उभरा है, जो मन और शरीर दोनों को स्वस्थ रखने में सहायक है। ध्यान दिवस का उद्देश्य लोगों को आंतरिक शांति की ओर प्रेरित करना और स्वस्थ जीवन के लिए ध्यान को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संदेश देना है।
आधुनिक जीवन में प्रतियोगिता, काम का दबाव, सामाजिक तनाव और डिजिटल व्यस्तता के कारण मानसिक समस्याएँ बढ़ रही हैं। ऐसे में ध्यान मन को स्थिर करने और विचारों को नियंत्रित करने का प्रभावी माध्यम है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित ध्यान करने से तनाव कम होता है, एकाग्रता बढ़ती है और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार आता है। यही कारण है कि आज ध्यान केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे वैज्ञानिक रूप से भी उपयोगी माना जाने लगा है।
ध्यान दिवस के अवसर पर देशभर में योग शिविर, ध्यान सत्र, जागरूकता कार्यक्रम और संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं में विद्यार्थियों को ध्यान के लाभों के बारे में बताया जाता है। कई स्थानों पर सामूहिक ध्यान कार्यक्रम आयोजित कर शांति और सौहार्द का संदेश दिया जाता है। यह दिन लोगों को आत्मचिंतन का अवसर देता है, जिससे वे अपने जीवन की दिशा और उद्देश्य पर विचार कर सकें।
ध्यान की परंपरा भारत में प्राचीन काल से चली आ रही है। ऋषि-मुनियों ने ध्यान को आत्मज्ञान का मार्ग बताया है। आज वही ध्यान पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो चुका है। विभिन्न देशों में लोग योग और ध्यान को अपनाकर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार कर रहे हैं। ध्यान न केवल व्यक्ति को शांत बनाता है, बल्कि समाज में सकारात्मकता और सहनशीलता भी बढ़ाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ध्यान करने से रक्तचाप नियंत्रित रहता है, नींद बेहतर होती है और भावनात्मक संतुलन बना रहता है। विद्यार्थियों के लिए यह स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है, जबकि कार्यरत लोगों के लिए यह कार्यक्षमता और आत्मविश्वास को मजबूत करता है। नियमित ध्यान से व्यक्ति नकारात्मक विचारों से दूर रहकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाता है।
21 दिसंबर को मनाया जाने वाला ध्यान दिवस हमें यह याद दिलाता है कि सच्ची शांति बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि हमारे भीतर छिपी होती है। दिन में कुछ मिनट ध्यान के लिए निकालकर हम अपने जीवन को अधिक संतुलित और सुखद बना सकते हैं। इस ध्यान दिवस पर संकल्प लें कि हम अपने जीवन में ध्यान को अपनाकर न केवल स्वयं को, बल्कि समाज को भी स्वस्थ और शांत बनाने में योगदान देंगे।
