Sun. Jan 11th, 2026

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह जी की जयंती पर कंबल वितरण

डिबाई के गाँव उमरारी में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूजी कल्याण सिंह जी की जन्म जयंती के अवसर पर समाजसेवी श्री पनीत लोधी जी, उमरायरी द्वारा जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। इस सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत नगला कोळी, कड़ी नगला, नाला सुमाली, नगला विधि एवं जरंगवा सहित आसपास के गांवों के गरीब, असहाय और विभिन्न समुदायों के लोगों को कंबल प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में प्रधान पूर्ण विजय प्रकाश मथुरिया, भू प्रकाश बजाज, विश्व हिंदू परिषद जिला सह-संयोजक, राकेश लोधी, दिनेश सोधी, राजराज सिंह (पूर्व प्राची), सिंह मास्टर, सतेन्द्र कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी पनीत लोधी जी ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना ही बाबूजी कल्याण सिंह जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में आपसी सहयोग और मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे प्रेरणादायी बताया।

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आर्थिक तंगी और भुखमरी से हुई मौत का जिम्मेदार कौन? 👍अमन पठान, एटा का क्रांतिकारी पत्रकार टूटी फूटी झोपड़ी की कच्ची दीवार, बिखरा हुआ सामान और बिस्तर पर पड़ी सिलवटें चीख चीखकर परिवार के मुफलिस गरीब होने की गवाही दे रही हैं। बिना दरवाजे वाले घर की चौखट पर रखा राशन एक गरीब की मौत पर मिला उपहार है। एटा जिले की नगर पंचायत मिरहची के जिन्हैरा में बीते बुधवार की रात लालाराम के 26 वर्षीय बेटे राधाकृष्ण ने आर्थिक तंगी और भुखमरी से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। राधाकृष्ण की मौत से पता चलता है मर गया पूरा सरकारी सिस्टम? फाइलों दफन हो चुकी हैं गरीबों के लिए चलाई जाने वाली जन कल्याणकारी योजनाएं? कहां हैं सरकारी संवेदनाएं? आखिर कहां हैं वो इलाके के रहनुमा? आइए और देखिए अमृतकाल में क्यों हुई है एक गरीब की भुखमरी से मौत? अफसोस तो इसका है कि मृतक के पिता को पिछले आठ महीने से वृद्धा पेंशन नहीं मिली थी। तमाम कोशिशों के बावजूद मृतक का नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ सका था। मृतक लकवा ग्रस्त होने के कारण मजदूरी भी नहीं कर सकता था। परिवार का भरण पोषण सरकारी राशन और इलाके के वाशिंदों के रहमो-करम हो रहा है। मृतक के पिता लालाराम स्थानीय लोगों भीख मांगकर लाते थे तब में चूल्हा जलता था। लालाराम पिछले कुछ समय से बीमार हैं और चलने फिरने से मोहताज हो गए हैं। जिस कारण परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था और कई दिन से घर में चूल्हा नहीं जला था। बस इसी से परेशान होकर राधाकृष्ण ने आत्महत्या कर ली और सरकारी दावों पर सवालिया निशान लगा दिया कि आजादी के 79 साल बाद भी गरीब भुखमरी और आर्थिक तंगी से परेशान हैं।

वरिष्ठ हिंदूवादी नेता, धर्म-ध्वजा वाहक, डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया,अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष,हम सबके मार्गदर्शक आदरणीय डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया जी के आज हरिगढ़ आगमन पर तलवार भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय मनोज सिंह जी तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीया रजनी ठुकराल जी का अपनी पूरी टीम के साथ उपस्थित होकर हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया गया। हिंदू समाज की एकता, संगठन और राष्ट्रधर्म के लिए यह मिलन प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक रहा। 🙏🏻🚩 जय श्री राम | जय हिंदू राष्ट्र 🚩💐 जय माँ भारती 🙏🏻🚩 Pravin Togadia fan club डॉ प्रवीणभाई तोगड़िया H HinduPravin Togadia