Sun. Jan 11th, 2026

आर्थिक तंगी और भुखमरी से हुई मौत का जिम्मेदार कौन? 👍अमन पठान, एटा का क्रांतिकारी पत्रकार टूटी फूटी झोपड़ी की कच्ची दीवार, बिखरा हुआ सामान और बिस्तर पर पड़ी सिलवटें चीख चीखकर परिवार के मुफलिस गरीब होने की गवाही दे रही हैं। बिना दरवाजे वाले घर की चौखट पर रखा राशन एक गरीब की मौत पर मिला उपहार है। एटा जिले की नगर पंचायत मिरहची के जिन्हैरा में बीते बुधवार की रात लालाराम के 26 वर्षीय बेटे राधाकृष्ण ने आर्थिक तंगी और भुखमरी से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। राधाकृष्ण की मौत से पता चलता है मर गया पूरा सरकारी सिस्टम? फाइलों दफन हो चुकी हैं गरीबों के लिए चलाई जाने वाली जन कल्याणकारी योजनाएं? कहां हैं सरकारी संवेदनाएं? आखिर कहां हैं वो इलाके के रहनुमा? आइए और देखिए अमृतकाल में क्यों हुई है एक गरीब की भुखमरी से मौत? अफसोस तो इसका है कि मृतक के पिता को पिछले आठ महीने से वृद्धा पेंशन नहीं मिली थी। तमाम कोशिशों के बावजूद मृतक का नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ सका था। मृतक लकवा ग्रस्त होने के कारण मजदूरी भी नहीं कर सकता था। परिवार का भरण पोषण सरकारी राशन और इलाके के वाशिंदों के रहमो-करम हो रहा है। मृतक के पिता लालाराम स्थानीय लोगों भीख मांगकर लाते थे तब में चूल्हा जलता था। लालाराम पिछले कुछ समय से बीमार हैं और चलने फिरने से मोहताज हो गए हैं। जिस कारण परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था और कई दिन से घर में चूल्हा नहीं जला था। बस इसी से परेशान होकर राधाकृष्ण ने आत्महत्या कर ली और सरकारी दावों पर सवालिया निशान लगा दिया कि आजादी के 79 साल बाद भी गरीब भुखमरी और आर्थिक तंगी से परेशान हैं।

ByDeepak Bhardwaj

Jan 10, 2026

आर्थिक तंगी और भुखमरी से हुई मौत का जिम्मेदार कौन?
👍अमन पठान, एटा का क्रांतिकारी पत्रकार
टूटी फूटी झोपड़ी की कच्ची दीवार, बिखरा हुआ सामान और बिस्तर पर पड़ी सिलवटें चीख चीखकर परिवार के मुफलिस गरीब होने की गवाही दे रही हैं। बिना दरवाजे वाले घर की चौखट पर रखा राशन एक गरीब की मौत पर मिला उपहार है।
एटा जिले की नगर पंचायत मिरहची के जिन्हैरा में बीते बुधवार की रात लालाराम के 26 वर्षीय बेटे राधाकृष्ण ने आर्थिक तंगी और भुखमरी से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
राधाकृष्ण की मौत से पता चलता है मर गया पूरा सरकारी सिस्टम? फाइलों दफन हो चुकी हैं गरीबों के लिए चलाई जाने वाली जन कल्याणकारी योजनाएं? कहां हैं सरकारी संवेदनाएं? आखिर कहां हैं वो इलाके के रहनुमा? आइए और देखिए अमृतकाल में क्यों हुई है एक गरीब की भुखमरी से मौत?
अफसोस तो इसका है कि मृतक के पिता को पिछले आठ महीने से वृद्धा पेंशन नहीं मिली थी। तमाम कोशिशों के बावजूद मृतक का नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ सका था। मृतक लकवा ग्रस्त होने के कारण मजदूरी भी नहीं कर सकता था। परिवार का भरण पोषण सरकारी राशन और इलाके के वाशिंदों के रहमो-करम हो रहा है। मृतक के पिता लालाराम स्थानीय लोगों भीख मांगकर लाते थे तब में चूल्हा जलता था। लालाराम पिछले कुछ समय से बीमार हैं और चलने फिरने से मोहताज हो गए हैं। जिस कारण परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था और कई दिन से घर में चूल्हा नहीं जला था। बस इसी से परेशान होकर राधाकृष्ण ने आत्महत्या कर ली और सरकारी दावों पर सवालिया निशान लगा दिया कि आजादी के 79 साल बाद भी गरीब भुखमरी और आर्थिक तंगी से परेशान हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

रामघाट थाना प्रभारी संदीप सिंह के पर्यवेक्षण में प्रथम स्थान प्राप्त किया 👍रामघाट बुलंदशहर जनपद बुलंदशहर में रामघाट अक्टूबर नवंबर दिसंबर माह में आइजीआरएस एकीकृत शिकायत निर्माण प्रणाली में शीर्ष स्थान पर रहा है गुणवत्तापूर्ण शिकायत समाधान के लिए उपलब्धि हासिल की गई है इस उपलब्धि के साथ रामघाट थाना प्रथम स्थान रहा यह सफलता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह एसपी देहात डॉक्टर तेजवीरसिंह पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रखर पांडेय के सख्त मार्गदर्शन में रामघाट थाना प्रभारी संदीप सिंह के निरंतर प्रयास के साथ अक्टूबर नवंबर दिसंबर माह की आइजीआरएस की पंजीकृत शिकायतों का निवारण अपने थाने के अधीनस्थ पुलिस कर्मियों के समय पर शिकायतों का निस्तारण करने के सख्त निर्देश देते रहें उनके अथक प्रयासों के कारण रामघाट थाना शीर्ष स्थान पर पहुंचकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है इस उत्कर्ष कार्य के लिए तथा शीर्ष रेंक स्थान प्राप्त करने पर रामघाट थाना प्रभारी तथा कांस्टेबल ध्रुव कुमार को प्रस्तुति पत्र प्रदान किए गए रामघाट थाना प्रभारी ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे ही प्रयास जारी रहेंगे

फजलपुर गांव में दर्दनाक हादसा बैल की हमले से 65 वर्ष महिला की मौत अतरौली क्षेत्र गांव फजलपुर में एक बेहतर दुखद और हृदय में रक्त घटना सामने आई है गांव गांव निवासी 65 वर्ष महिला नीलम पत्नी बाबूराम अपने घर के आंगन में बैल को खोलकर अंदर बांध रही थी इसी दौरान अचानक बेल का बेकाबू हो गया और उसका सीन महिला के पेट में जा घुसा जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई घटना के बाद परिजनों ने अप्रतापरी में महिला को इलाज के लिए अलीगढ़ रेफर कर दिया लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृतक घोषित कर दिया महिला की मौत से पूरे गांव में शॉप की लहर दौड़ रही है और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है घटना की जानकारी मिली थी समाजवादी पार्टी के नेता गगन लोधी जी पीड़ित परिवार के मिलकर पहुंचे उन्होंने अशोक संपत परिवार को धार बनाया और इस दुखद घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया गगन लोधी जी ने कहा कि है घटना बेहतर पीड़ा दायक है और प्रशासन को पीठ परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध करानी होगी ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित रास्ता सहायता की जाए इस लिए अपूरणी छाती से और उबर से उन्हें सहारा मिल