ALIGARH ; क्षेत्र के दो होनहार युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए ‘राष्ट्रीय यूथ आइकन’ का प्रतिष्ठित सम्मान हासिल किया है। यह सम्मान उन्हें भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय और एनएसएस (NSS) की ओर से ‘विकसित भारत यूथ कनेक्टेड’ कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया है। हाल ही में
वाराणसी
स्थित बनारसATRAULI हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान, शिखर कुमार ने समर कनाडिया कॉलेज (बीएचयू) और प्रियांशु भारद्वाज ने वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में सामुहिक संगीत विभाग से आए युवाओं को साझा विचार साझा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत @2047’ के दृष्टिकोण को शामिल करते हुए युवाओं को ‘वंदे मातरम’ की भावना के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित किया।
वैज्ञानिक सहायक
शिखर सम्मेलन: सचिन तेंदुलकर के पुत्र योग, वर्तमान में क्रिटरल के डीएस कॉलेज (डीएस कॉलेज) से लॉ (कानून) की पढ़ाई कर रहे हैं।
प्रियांशु भारद्वाज: भारद्वाज के पुत्र प्रियांशु, एम.कॉम के छात्र हैं।
सामाजिक सरोकारों में भी प्रमुखता
यह दोनों युवा केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों में भी काफी सक्रिय हैं। इससे पहले ये लखनऊ में आयोजित नेशनल एनवायरनमेंट यूथ पार्लियामेंट में भी चिल्ला कर बोले गए हैं। शिखर और प्रियांशु ने विभिन्न कलाकारों की टुकड़ी में बच्चों के ट्रांसफॉर्मेशन, महिला सशक्तिकरण (महिला सशक्तिकरण) और युवा नेतृत्व (युवा नेतृत्व) जैसे विषयों पर छात्रावासों (कार्यशालाओं) का आयोजन किया है।
अतरौली में खुशी की लहर
इस अचीवमेंट पर अतरौली और क्रिएटर के शैतान जोन ने खुशी व्यक्त की है। युवाओं का कहना है कि उनका लक्ष्य आज की युवा पीढ़ी में सकारात्मक बदलाव लाना है। रिपोर्टर से बात करते हुए उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों की सलाह को दिया है।
