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26 जनवरी को इतिहास रचेगी कैप्टन हंसजा शर्मा की उड़ान

नई दिल्ली। इस गणतंत्र दिवस देश की निगाहें भारतीय सेना की एक साहसी महिला अधिकारी पर टिकी होंगी। कैप्टन हंसजा शर्मा 26 जनवरी को ऐसी उड़ान भरने जा रही हैं, जो भारतीय सैन्य विमानन के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। वह रुद्र आर्म्ड हेलीकॉप्टर (Rudra Armed Helicopter) की पायलट के रूप में क्वालिफाई होने वाली भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं।

कैप्टन हंसजा शर्मा की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह सेना के एविएशन कोर के लिए भी एक नई दिशा का संकेत है। अत्याधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस रुद्र हेलीकॉप्टर को उड़ाना अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसमें दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने, कठिन मौसम में उड़ान भरने और जमीनी सैनिकों को त्वरित सहायता देने जैसी जिम्मेदारियां शामिल होती हैं। ऐसे में एक महिला अधिकारी का इस प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक प्रशिक्षित होना सेना की बदलती और समावेशी सोच को दर्शाता है।

सूत्रों के अनुसार, कैप्टन हंसजा शर्मा ने कठिन प्रशिक्षण प्रक्रिया के दौरान सभी तकनीकी और सामरिक मानकों को उत्कृष्टता के साथ पूरा किया। उनके प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि क्षमता और साहस किसी लिंग के मोहताज नहीं होते। उनकी इस सफलता से सेना में कार्यरत और भविष्य में शामिल होने की इच्छुक कई युवा महिलाओं को प्रेरणा मिलेगी।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर होने वाली उड़ान केवल एक सैन्य प्रदर्शन नहीं होगी, बल्कि यह देश की बेटियों के लिए एक मजबूत संदेश भी देगी कि अब आसमान की कोई सीमा नहीं है। कैप्टन हंसजा शर्मा की यह उपलब्धि भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

उनकी यह ऐतिहासिक उड़ान निश्चय ही 26 जनवरी को देश के लिए गर्व का क्षण बनेगी।

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