Wed. Feb 4th, 2026
  • गांव कर्णवास स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः ध्वजारोहण से हुई, जिसके बाद उपस्थित चिकित्सकों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाया। तिरंगे को सलामी देते हुए सभी ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। स्वास्थ्य केंद्र परिसर देशभक्ति नारों और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत नजर आया।

इस अवसर पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. मयंक भरद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारे संविधान की आत्मा और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हमें समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे का अधिकार देता है, साथ ही कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। डॉ. भरद्वाज ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोग होने के नाते हमारा दायित्व और भी बढ़ जाता है कि हम समाज के हर वर्ग, विशेषकर ग्रामीण और कमजोर तबके तक ईमानदारी से स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाएं। उन्होंने संविधान के आदर्शों को अपने कार्य व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. दिनेश चंद सोनी ने कहा कि आज का दिन हमें यह संकल्प लेने की प्रेरणा देता है कि हम देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाएं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण जनता के लिए जीवन रेखा के समान है और यहां कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी का उद्देश्य मरीजों को बेहतर, सुलभ और समय पर चिकित्सा सुविधा देना होना चाहिए। डॉ. सोनी ने कहा कि सच्चा राष्ट्रधर्म तभी निभाया जा सकता है, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं बिना भेदभाव के पहुंचें।

वहीं डॉ. अभिषेक मोहन वर्मा ने अपने वक्तव्य में देश की एकता और अखंडता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विविधताओं से भरा हमारा देश तभी मजबूत रह सकता है, जब हम सब आपसी भाईचारे और सौहार्द को बनाए रखें। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को यह संकल्प दिलाया कि वे अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखेंगे। डॉ. वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों का कार्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करना भी उनकी जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के अन्य कर्मचारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और देश की सेवा में योगदान देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वच्छता, समयबद्ध सेवा और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता पर विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान स्वास्थ्य केंद्र परिसर को तिरंगे, गुब्बारों और सजावटी झंडियों से सजाया गया था। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने देशभक्ति गीतों के माध्यम से अपने जज्बात व्यक्त किए। बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया। सभी ने एक-दूसरे को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और मिठाइयां बांटी गईं।

इस अवसर पर यह भी कहा गया कि संविधान के प्रति सम्मान केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाना जरूरी है। वक्ताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समानता को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक हर नागरिक को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तब तक सशक्त भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी चिकित्सकों, कर्मचारियों और ग्रामीणों ने राष्ट्र के विकास, शांति और समृद्धि के लिए सामूहिक रूप से प्रार्थना की। सभी ने यह संकल्प लिया कि वे संविधान की मर्यादाओं का पालन करेंगे और देश की प्रगति में अपना योगदान देंगे। समारोह शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।

कर्णवास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह न केवल एक औपचारिक आयोजन रहा, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना का सशक्त संदेश भी दे गया। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि यदि हर नागरिक अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाए, तो भारत को एक मजबूत, स्वस्थ और विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता

 

डॉ मयंक भरद्वाज

डॉ दिनेश चंद सोनी

डॉ अभिषेक मोहन वर्मा

डॉ शिप्रा राजपूत

सहायक अमर वाती देवी मौजूद रहे

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