Fri. Feb 13th, 2026

मायावती के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी, सपा नेता के खिलाफ FIR दर्ज

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अभद्र टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है। इस टिप्पणी को लेकर बहुजन समाज पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मामले की शिकायत मिलने के बाद कृष्णा नगर कोतवाली में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, बसपा की एक बैठक के दौरान पार्टी पदाधिकारियों को फेसबुक पर एक आईडी से की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की जानकारी मिली। कैंट विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि बैठक के बीच में ही कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें सोशल मीडिया पर चल रही पोस्ट दिखाई, जिसमें “श्रेया यादव” नाम की फेसबुक आईडी से मायावती के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी न केवल एक वरिष्ठ राजनेता का अपमान है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित कर सकती है।

पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि बसपा प्रमुख देश की चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और उनका सार्वजनिक जीवन लंबा एवं प्रभावशाली रहा है। ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल अस्वीकार्य है। कार्यकर्ताओं ने बैठक में ही इस मुद्दे पर विरोध जताया और निर्णय लिया कि मामले में कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।

इसके बाद बसपा नेताओं ने कृष्णा नगर कोतवाली पहुंचकर लिखित तहरीर दी। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि संबंधित फेसबुक आईडी से जानबूझकर पार्टी प्रमुख की छवि धूमिल करने और राजनीतिक माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की गई है। शिकायत में आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से संबंधित आईडी की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उक्त पोस्ट किसने और किस उद्देश्य से डाली। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या भड़काऊ टिप्पणी कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकती है, और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। बसपा कार्यकर्ताओं ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि चुनावी माहौल को देखते हुए जानबूझकर ऐसी टिप्पणियां कर माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, विपक्षी दलों की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बसपा नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि जांच निष्पक्ष और शीघ्र की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी व्यक्ति, खासकर सार्वजनिक पद पर रह चुके नेता के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, पार्टी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *