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बाबूजी के हनुमान हैं विधायक सीपी सिंह

अक्सर हम विधायकों को देखते हैं तो लगता है कि विधायक या तो क्षेत्र में घूम नहीं पाते हैं,या फिर कहीं दूर चले जाते हैं वे क्षेत्र में कुछ विशेष मौके पर ही आते हैं,लेकिन आज हम उत्तर प्रदेश की विधानसभा 68 के उस विधायक की बात करेंगे जो जब से विधायक बना है तब से लोगों के बीच रहकर जनसेवा का भाव रख कार्य कर रहा है,उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूजी कल्याण सिंह जिस प्रकार से भगवान राम के परम भक्त के रूप में कलयुग के हनुमान बोले जाते हैं उसी प्रकार से बाबूजी के प्रति प्रेम,श्रद्धा और उनकी हर पुण्यतिथि या जयंती पर अपना तन,मन,धन समर्पित करने वाले विधायक सीपी सिंह लोधी को यदि बाबूजी का हनुमान कहा जाए तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी,क्योंकि बाबूजी से जुड़े हर कार्यक्रम में हनुमान की तरह वह अपने को समर्पित कर देते हैं,और बाबूजी से यह जुड़ाव कोई अभी से नहीं है वर्षों पुराना जुड़ाव है,जो हमें कई वर्ष पूर्व सामूहिक विवाह समारोह राजघाट में भी देखने मिलता था कि सामूहिक विवाह राजघाट में आयोजित किए जाते थे जिसमें बहुत सारी कन्याओं के विवाह अपने माध्यम से विधायक सीपी सिंह विधायक बनने से पूर्व कराते थे, और उनको आशीर्वाद देने खुद बाबूजी कल्याण सिंह आया करते थे चाहें वे मुख्यमंत्री के पद पर हों या फिर राजस्थान के राज्यपाल के पद पर जब भी बाबूजी के हनुमान ने बाबूजी को पुकारा वह अपने भक्त के पास चले आए.

संघर्ष से भरा है विधायक का जीवन :

डिबाई विधायक का जीवन संघर्ष से परिपूर्ण हैं,डिबाई की ग्राम पंचायत बदरपुर जो कि गंगा किनारे राजघाट के समीप बसा एक गांव है,यहीं विधायक सीपी सिंह का जन्म हुआ और फिर उन्होंने पढ़ाई लिखाई भी शुरू की लेकिन इंदिरा गांधी के दौर में लगे आपातकाल ने उनसे उनका शिक्षा का अधिकार भी छीन लिया और आपातकाल में जेल की चक्की भी उनको पीसनी पड़ी,जिससे उनकी शिक्षा में रुकावट आ गई और वह आगे पढ़ न सके लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लग गए अपने व्यापार में जो अक्सर कृषि से जुड़ा होता है,दूध का व्यापार, वे दूध को गांवों से इक्कठा करते और साइकिल से ही डेयरी पर दूध डालकर आते,लेकिन ये कारवां यही नहीं रुका उन्होंने दुग्ध व्यापार में बड़ी संभावनाएं देखी और अपनी डेयरी भी खोल ली कहते हैं ईश्वर के यहां देर है अंधेर नहीं और आज वह बुलंदशहर के सबसे बड़े दुग्ध व्यापारियों में से एक है.

विधायक बनने का सफर :

सीपी सिंह लोधी बेहद ही शालीन,सादगी पूर्ण इंसान हैं और उनके विधायक बनने का सफर बिल्कुल अलग है,जहां तमाम लोग विधायक बनने के लिए टिकट की होड़ में थे तो वहीं सीपी सिंह बिल्कुल शांत थे और बस अलीगढ़ के राज पैलेस से जुड़े हुए थे,इतिहास गवाह है कि जो राज पैलेस का करीबी रहा है,राज पैलेस और बाबूजी के परिवार ने उसको कभी अनदेखा नहीं किया यही कारण था कि विधायक सीपी सिंह को राज पैलेस का प्यार मिला और टिकट उनको मिली,भाजपा की लहर थी और इस लहर में डिबाई की जनता भी चाहती थी कि क्षेत्रीय व्यक्ति को ही टिकट मिले तो सीपी सिंह इन दोनों चीजों पर खरे उतरे 2022 के चुनाव में रिकॉर्डतोड़ वोट से जीते.

लोगों का क्या है कहना ? 

सीपी सिंह लोधी को विधायक बने लगभग तीन वर्ष होने जा रहे हैं वहीं यदि विपक्षी लोगों को छोड़ दें,वह सबका साथ भी बखूबी देते हैं,व्यापारी होने के नाते व्यापारी लोगों की सुनवाई भी करते हैं और क्षेत्र का व्यापारी परेशान न हो इसके लिए कुछ न कुछ अधिकारियों से वार्ता भी करते रहते हैं,लेकिन जैसा कि उनका स्वभाव है वह जल्दी गुस्सा करने लग जाते हैं,उससे थोड़ा सा उनकी छवि पर भी प्रभाव पड़ता है,और लोगों को उनका यह तरीका थोड़ा सा अच्छा भी नहीं लगता ऐसा कई लोगों का मानना है,लेकिन जैसा कि वो सादगी से परिपूर्ण हैं यह उस समय नजर आता है कि सीपी सिंह गुस्सा तो करते हैं लेकिन उसके बाद वह बात वहीं छोड़ देते हैं और अपने विपक्ष के साथ साथ आलोचकों का भी कार्य अपने द्वारा करते है.

सुनते हैं जनसमस्याएं :

बुलंदशहर के सबसे कार्यशील विधायकों की गिनती जाए तो विधायक सीपी सिंह उन सब पर भारी पड़ते हैं,क्योंकि अनूपशहर हो या राजघाट कार्यालय वह हर दिन जनता दरबार लगा जनता की समस्या सुनते हैं और तुरंत अधिकारियों को कॉल कर उन्हें निर्देश देते हैं.जिससे गरीब,शोषित,वंचित लोगों का कहीं न कहीं किसी न किसी स्तर पर फायदा हो जाता है.

विकास के कार्य :

वैसे तो विकास कार्य विधायक सीपी सिंह अपनी विधानसभा में लाने के लिए लखनऊ के कई कई चक्कर लगाते रहते हैं,मुख्यमंत्री,मंत्री हर उस व्यक्ति से मिलते हैं जिससे विकास की फाइल उनके क्षेत्र के लिए पास हो जाए,क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य,कस्तूरबा गांधी विद्यालय,गंगा तटों का निर्माण आदि कई योजनाओं पर कार्य जारी है लेकिन बात की जाए तो अभी कई क्षेत्र ऐसे हैं जिसमें विधायक सीपी सिंह को ध्यान देने की आवश्यकता है जैसे विधानसभा में खेल के लिए स्टेडियम,डिग्री कॉलेज, औद्योगिक विकास,स्वास्थ सुविधाओं को बढ़ावा देना.हालांकि शिक्षा के स्तर में काफी सुधार प्राइमरी स्कूल में खुद निरीक्षण करके विधायक सीपी सिंह ने किया है लेकिन अभी कई विकास कार्य ऐसे हैं जिसमें डिबाई अभी भी अछूता सा लगता है.

आपको बता दें कि विधायक सीपी सिंह बाबूजी को अपना आदर्श मानते है और उनके हनुमान की तरह ही कार्य करते हैं.किसी की शादी में जाना हो या जनता से जुड़ाव या फिर जन समस्याएं इन सबको देखकर लगता है कि वह जन प्रिय नेता की छवि लोगों के बीच में बना रहे हैं.

By rahul

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