Wed. Feb 4th, 2026

तीर्थस्थल कर्णवास के मुख्य चौराहे पर खुलेआम शराबखोरी, प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल

बुलंदशहर जनपद के प्रसिद्ध तीर्थस्थल कर्णवास में इन दिनों खुलेआम शराब पीने की बढ़ती घटनाएं स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। गांव के मुख्य चौराहे पर प्रतिदिन शराब पीते हुए लोगों की नई-नई तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिससे न केवल धार्मिक और सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है, बल्कि गांव के युवाओं पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्णवास एक पौराणिक और धार्मिक महत्व वाला स्थल है, जहां श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं। इसके बावजूद मुख्य चौराहे जैसे सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना आम बात हो गई है। दिन ढलते ही शराबियों का जमावड़ा लग जाता है, गाली-गलौज, हंगामा और मारपीट की घटनाएं रोजमर्रा की हो गई हैं। कई बार मामूली बातों को लेकर विवाद इतना बढ़ जाता है कि दंगे जैसे हालात पैदा हो जाते हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि खुले में शराब पीने की इन घटनाओं से गांव के युवा नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र जब रोज इस तरह का माहौल देखते हैं तो उनके मन पर गलत प्रभाव पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देना चाहते हैं, लेकिन चौराहे पर फैला यह नशे का माहौल उनकी मेहनत पर पानी फेर रहा है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि कर्णवास में पुलिस चौकी मौजूद होने के बावजूद शराब पीने वालों में पुलिस का कोई खौफ दिखाई नहीं देता। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कभी-कभार पुलिस के पहुंचने पर शराबी कुछ देर के लिए हट जाते हैं, लेकिन थोड़ी ही देर में फिर से वही हालात बन जाते हैं।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है। महिलाओं और युवाओं का शाम के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। श्रद्धालुओं और राहगीरों को भी अपमानजनक टिप्पणियों और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ता है, जिससे कर्णवास की छवि धूमिल हो रही है।

गांव के जिम्मेदार नागरिकों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि मुख्य चौराहे और उसके आसपास खुले में शराब पीने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही अवैध शराब बिक्री पर भी सख्ती से रोक लगाने की जरूरत है।

अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है। यदि जल्द ही प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो तीर्थस्थल कर्णवास का शांत और पवित्र वातावरण नशे और अराजकता की भेंट चढ़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *