कर्णवास में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, गांव में तनावपूर्ण माहौल
तहसील डिबाई, जिला बुलंदशहर के गांव कर्णवास में भारत रत्न भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को अज्ञात लोगों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना सामने आई है। इस घटना ने पूरे गांव में गहरी नाराजगी और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना देर रात की बताई जा रही है, जब कुछ असामाजिक तत्वों ने मौके का फायदा उठाकर प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया।
सुबह जब ग्रामीणों की नजर प्रतिमा पर पड़ी, तो वहां का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। प्रतिमा के साथ की गई तोड़फोड़ को देखकर लोगों में रोष फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों ने इसे केवल एक प्रतिमा पर हमला नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं और सम्मान पर सीधा आघात बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि डॉ. अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा के साथ इस तरह की घटना समाज में नफरत और अशांति फैलाने की साजिश हो सकती है। घटना के बाद गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, हालांकि पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित करने में जुटा हुआ है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और दोषियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संवेदनशील मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद गांव में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
गौरतलब है कि इस तरह की घटनाएं समाज में तनाव और विभाजन पैदा करती हैं, इसलिए जरूरी है कि प्रशासन सख्ती से कदम उठाए और दोषियों के खिलाफ उदाहरण प्रस्तुत करे। गांव कर्णवास के लोग अब न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं और चाहते हैं कि इस मामले में जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
