गांव कर्णवास में बुद्ध पूर्णिमा का आयोजन हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न
गांव कर्णवास में इस वर्ष बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गौतम बुद्ध स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने मिलकर एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें गांव की अनेक महिलाओं और समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह से शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बुद्ध की वंदना से की गई, जिसमें समूह की महिलाओं ने सामूहिक रूप से बुद्ध वंदना प्रस्तुत की। इस दौरान पूरे वातावरण में शांति और भक्ति की भावना देखने को मिली। महिलाओं ने भगवान बुद्ध के बताए मार्ग—अहिंसा, करुणा और सत्य के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प भी लिया।
गौतम बुद्ध स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सीमा देवी ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन हमें सादगी, संयम और मानवता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बुद्ध के विचारों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, जिससे समाज में बढ़ती अशांति और भेदभाव को समाप्त किया जा सके। उन्होंने सभी महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने परिवार और समाज में शांति और प्रेम का वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर समूह की उपाध्यक्ष सुमन ज्योति ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बुद्ध पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और जागरूकता का दिन है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं न केवल सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं, बल्कि वे शिक्षा, स्वावलंबन और सामाजिक एकता को भी बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
कार्यक्रम में महिलाओं ने भजन, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं को प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित लोगों को गहरी प्रेरणा मिली। इसके साथ ही बच्चों ने भी छोटे-छोटे कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे सभी ने सराहा।
पूरे आयोजन के दौरान गांव के लोगों में उत्साह और एकता की भावना साफ दिखाई दी। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर प्रसाद ग्रहण किया और समाज में शांति, प्रेम और भाईचारे को बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस प्रकार, गांव कर्णवास में बुद्ध पूर्णिमा का यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक एकता और जागरूकता का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण
मौजूद रही
बृज माला देवी, सीमा देवी, सुमन ज्योति, नीतू, कुशमा देवी,रूपा देवी, अमर बतीदेवी, सीमादेवी, सुषमादेवी ,राम बतीदेवी,ज्योति, सुमन देवी,प्रेमा, सर्वेश, पूजा देवी
