Mon. Jan 12th, 2026

गांव कर्णवास में मनाया शौर्य दिवस

युवा मंगल दल अध्यक्ष सौरभ कुमार ने बताया कि शौर्य दिवस एक इतिहास का दिन इस दिन युद्ध: यह लड़ाई तीसरे आंग्ल-मराठा युद्ध का हिस्सा थी, जो पुणे के पास भीमा नदी के किनारे कोरेगांव में लड़ी गई थी सेनाएँ: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से बॉम्बे नेटिव इन्फैंट्री की दूसरी बटालियन (जिसमें लगभग 500 महार सैनिक और अन्य समुदायों के सैनिक शामिल थे) ने पेशवा बाजीराव  की विशाल सेना (लगभग 28,000 सैनिक) का सामना किया परिणाम: संख्या में बहुत कम होने के बावजूद, महार सैनिकों के अदम्य साहस के कारण ब्रिटिश सेना ने पेशवा की फौज को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इस जीत ने भारत में पेशवा शासन के अंत और ब्रिटिश प्रभुत्व की स्थापना में निर्णायक भूमिका निभाई शौर्य दिवस और विजय स्तंभ: विजय स्तंभ: इस युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की याद में अंग्रेजों ने कोरेगांव में एक विजय स्तंभ बनवाया। इस स्तंभ पर शहीद हुए 49 सैनिकों के नाम अंकित हैं, जिनमें से 22 महार सैनिक थे डॉ. बी.आर. अंबेडकर का प्रभाव: 1 जनवरी 1927 को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने इस विजय स्तंभ का दौरा किया था। उन्होंने इस युद्ध को जातिगत उत्पीड़न और भेदभाव के खिलाफ दलितों की जीत के प्रतीक के रूप में पहचाना, जिसके बाद से यह दिन प्रतिवर्ष ‘शौर्य दिवस’ के रूप में मनाया जाने लगा वर्तमान महत्व: आज 1 जनवरी 2026 को इस ऐतिहासिक जीत की 208वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। हर साल लाखों लोग इस दिन विजय स्तंभ पर श्रद्धांजलि अर्पित करने और आत्मसम्मान का उत्सव मनाने के लिए एकत्रित होते हैं यह दिन न केवल एक सैन्य जीत की याद दिलाता है, बल्कि यह अन्याय और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध प्रतिरोध का एक शक्तिशाली प्रतीक भी बन गया है

मौजूद रहे लोग

सौरभ कुमार

राम सिंह

कुदीप कुमार

विनोद कुमार डॉ पंकज कुमार  दिनेश कुमार गौतम Dk bhai

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

रामघाट थाना प्रभारी संदीप सिंह के पर्यवेक्षण में प्रथम स्थान प्राप्त किया 👍रामघाट बुलंदशहर जनपद बुलंदशहर में रामघाट अक्टूबर नवंबर दिसंबर माह में आइजीआरएस एकीकृत शिकायत निर्माण प्रणाली में शीर्ष स्थान पर रहा है गुणवत्तापूर्ण शिकायत समाधान के लिए उपलब्धि हासिल की गई है इस उपलब्धि के साथ रामघाट थाना प्रथम स्थान रहा यह सफलता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह एसपी देहात डॉक्टर तेजवीरसिंह पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रखर पांडेय के सख्त मार्गदर्शन में रामघाट थाना प्रभारी संदीप सिंह के निरंतर प्रयास के साथ अक्टूबर नवंबर दिसंबर माह की आइजीआरएस की पंजीकृत शिकायतों का निवारण अपने थाने के अधीनस्थ पुलिस कर्मियों के समय पर शिकायतों का निस्तारण करने के सख्त निर्देश देते रहें उनके अथक प्रयासों के कारण रामघाट थाना शीर्ष स्थान पर पहुंचकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है इस उत्कर्ष कार्य के लिए तथा शीर्ष रेंक स्थान प्राप्त करने पर रामघाट थाना प्रभारी तथा कांस्टेबल ध्रुव कुमार को प्रस्तुति पत्र प्रदान किए गए रामघाट थाना प्रभारी ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे ही प्रयास जारी रहेंगे

फजलपुर गांव में दर्दनाक हादसा बैल की हमले से 65 वर्ष महिला की मौत अतरौली क्षेत्र गांव फजलपुर में एक बेहतर दुखद और हृदय में रक्त घटना सामने आई है गांव गांव निवासी 65 वर्ष महिला नीलम पत्नी बाबूराम अपने घर के आंगन में बैल को खोलकर अंदर बांध रही थी इसी दौरान अचानक बेल का बेकाबू हो गया और उसका सीन महिला के पेट में जा घुसा जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई घटना के बाद परिजनों ने अप्रतापरी में महिला को इलाज के लिए अलीगढ़ रेफर कर दिया लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृतक घोषित कर दिया महिला की मौत से पूरे गांव में शॉप की लहर दौड़ रही है और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है घटना की जानकारी मिली थी समाजवादी पार्टी के नेता गगन लोधी जी पीड़ित परिवार के मिलकर पहुंचे उन्होंने अशोक संपत परिवार को धार बनाया और इस दुखद घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया गगन लोधी जी ने कहा कि है घटना बेहतर पीड़ा दायक है और प्रशासन को पीठ परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध करानी होगी ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित रास्ता सहायता की जाए इस लिए अपूरणी छाती से और उबर से उन्हें सहारा मिल