पला कसेर स्कूल में छात्राओं ने लगाए 12 पौधे, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
डिबाई। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से रविवार को पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, पला कसेर (डिबाई) में वृहद वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत छात्राओं ने उत्साह और जिम्मेदारी के साथ विद्यालय परिसर में 12 पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा वृक्षारोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्रधानाचार्य अखलेश कुमार के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं और प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपनी मां के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक भी है।
उन्होंने छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि जिनके घरों में पौधे लगाने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है, वे विद्यालय परिसर, सार्वजनिक स्थानों, पार्कों अथवा अपने खेतों में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को आगे बढ़ा सकती हैं। उन्होंने सभी छात्राओं से पौधों की नियमित देखभाल करने का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
विद्यालय परिसर में कुल 12 पौधे लगाए गए। इसके अतिरिक्त अन्य पौधे छात्राओं को वितरित किए गए ताकि वे उन्हें अपने घर, खेत या सार्वजनिक स्थलों पर रोपित कर हरित वातावरण के निर्माण में योगदान दे सकें। विद्यालय प्रशासन ने छात्राओं को पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और संरक्षण के महत्व की भी जानकारी दी।
इस अवसर पर छात्राओं साधना, रुद्राक्ष, अलीशा, रिंकी और साजिया सहित बड़ी संख्या में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में शिक्षक हरेंद्र सिंह, दिनेश चंद्र, अजय कुमार, अवदेश कुमार, पीयूष तथा काजल भी उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रभारी प्रधानाचार्य अखलेश कुमार ने कहा कि यदि प्रत्येक छात्रा वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण ही स्वस्थ समाज और उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है।
