पाकिस्तान–अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ा तनाव, ‘ऑपरेशन ग़ज़ब-उल-हक’ में 527 तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर इन दिनों तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान की सेना ने सीमा पार मौजूद ठिकानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की है, जिसे ‘ऑपरेशन ग़ज़ब-उल-हक’ नाम दिया गया है। इस अभियान के तहत पाकिस्तान ने दावा किया है कि अब तक 527 अफगान तालिबान लड़ाके मारे जा चुके हैं, जबकि 755 से अधिक लड़ाके घायल हुए हैं। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
पाकिस्तानी सेना के अनुसार यह अभियान सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती आतंकी गतिविधियों और हमलों के जवाब में शुरू किया गया है। सेना ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में तालिबान के टैंक, बख्तरबंद वाहन, हथियारों के भंडार और चेक पोस्टों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। पाकिस्तान का दावा है कि इन कार्रवाइयों से तालिबान को काफी बड़ा झटका लगा है और कई इलाकों में उन्हें अपने ठिकाने छोड़कर पीछे हटना पड़ा है।
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की सेना ने झोब, किला सैफुल्लाह और पारक्रम सेक्टर में विशेष सैन्य कार्रवाई की। इन क्षेत्रों में तालिबान के कई ठिकानों पर भारी गोलाबारी और हवाई हमले किए गए। लगातार हो रही इस कार्रवाई के कारण तालिबान के कई लड़ाके अपने ठिकाने छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार सीमा के आसपास के इलाकों में धमाकों और गोलियों की आवाजें लगातार सुनाई दे रही हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान तालिबान के 237 चेक पोस्ट पूरी तरह नष्ट कर दिए गए हैं। इसके अलावा 38 चेक पोस्टों पर पाकिस्तानी सेना ने कब्जा कर उन्हें बाद में ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है।
अताउल्लाह तरार ने यह भी बताया कि इस अभियान के दौरान पाकिस्तान की वायु सेना ने अफगानिस्तान के भीतर स्थित कई सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। हवाई हमलों के जरिए 62 सैन्य ठिकानों को तबाह करने का दावा किया गया है। पाकिस्तान का कहना है कि इन ठिकानों से उसकी सीमा में घुसपैठ और हमलों की योजना बनाई जा रही थी, इसलिए उन्हें नष्ट करना जरूरी था।
हालांकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार की ओर से पाकिस्तान के इन दावों पर अभी तक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण दोनों देशों के बीच संबंध और अधिक बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो यह संघर्ष और बड़ा रूप ले सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच संयुक्त राष्ट्र ने भी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों से संयम बरतने और तुरंत संघर्ष रोकने की अपील की है। संगठन ने कहा है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान–अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ा तनाव, ‘ऑपरेशन ग़ज़ब-उल-हक’ में 527 तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर इन दिनों तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान की सेना ने सीमा पार मौजूद ठिकानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की है, जिसे ‘ऑपरेशन ग़ज़ब-उल-हक’ नाम दिया गया है। इस अभियान के तहत पाकिस्तान ने दावा किया है कि अब तक 527 अफगान तालिबान लड़ाके मारे जा चुके हैं, जबकि 755 से अधिक लड़ाके घायल हुए हैं। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
पाकिस्तानी सेना के अनुसार यह अभियान सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती आतंकी गतिविधियों और हमलों के जवाब में शुरू किया गया है। सेना ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में तालिबान के टैंक, बख्तरबंद वाहन, हथियारों के भंडार और चेक पोस्टों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। पाकिस्तान का दावा है कि इन कार्रवाइयों से तालिबान को काफी बड़ा झटका लगा है और कई इलाकों में उन्हें अपने ठिकाने छोड़कर पीछे हटना पड़ा है।
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की सेना ने झोब, किला सैफुल्लाह और पारक्रम सेक्टर में विशेष सैन्य कार्रवाई की। इन क्षेत्रों में तालिबान के कई ठिकानों पर भारी गोलाबारी और हवाई हमले किए गए। लगातार हो रही इस कार्रवाई के कारण तालिबान के कई लड़ाके अपने ठिकाने छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार सीमा के आसपास के इलाकों में धमाकों और गोलियों की आवाजें लगातार सुनाई दे रही हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान तालिबान के 237 चेक पोस्ट पूरी तरह नष्ट कर दिए गए हैं। इसके अलावा 38 चेक पोस्टों पर पाकिस्तानी सेना ने कब्जा कर उन्हें बाद में ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है।
अताउल्लाह तरार ने यह भी बताया कि इस अभियान के दौरान पाकिस्तान की वायु सेना ने अफगानिस्तान के भीतर स्थित कई सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। हवाई हमलों के जरिए 62 सैन्य ठिकानों को तबाह करने का दावा किया गया है। पाकिस्तान का कहना है कि इन ठिकानों से उसकी सीमा में घुसपैठ और हमलों की योजना बनाई जा रही थी, इसलिए उन्हें नष्ट करना जरूरी था।
हालांकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार की ओर से पाकिस्तान के इन दावों पर अभी तक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण दोनों देशों के बीच संबंध और अधिक बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो यह संघर्ष और बड़ा रूप ले सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच संयुक्त राष्ट्र ने भी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों से संयम बरतने और तुरंत संघर्ष रोकने की अपील की है। संगठन ने कहा है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई में आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी कहा कि दोनों देशों को बातचीत और कूटनीतिक रास्तों के जरिए समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए।
सीमा पर जारी इस तनाव का असर स्थानीय नागरिकों पर भी पड़ रहा है। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग डर और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन भी शुरू कर दिया है। स्कूल, बाजार और अन्य गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
फिलहाल पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अगर जल्द ही तनाव कम नहीं हुआ तो यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी कहा कि दोनों देशों को बातचीत और कूटनीतिक रास्तों के जरिए समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए।
सीमा पर जारी इस तनाव का असर स्थानीय नागरिकों पर भी पड़ रहा है। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग डर और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन भी शुरू कर दिया है। स्कूल, बाजार और अन्य गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
फिलहाल पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अगर जल्द ही तनाव कम नहीं हुआ तो यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
