संभल हिंसा मामला: कोर्ट के आदेश पर पूर्व DSP अनुज चौधरी समेत कई पुलिसकर्मियों पर FIR का निर्देश, SP बोले– करेंगे अपील
संभल। संभल हिंसा मामले में एक बार फिर पुलिस कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। कोर्ट ने इस मामले में पूर्व DSP अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश उस याचिका पर दिया गया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि संभल में हुई हिंसा के दौरान पुलिस फायरिंग में यामीन को गोली लगी थी और इसमें पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध रही।
याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में कहा गया कि घटना के समय पुलिस ने नियमों का पालन नहीं किया और जानबूझकर गोली चलाई गई, जिससे यामीन गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में पहले एफआईआर दर्ज न किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए। कोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों और दलीलों को सुनने के बाद संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
वहीं, इस आदेश पर संभल के पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण बिश्नोई ने असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि संभल हिंसा की पहले ही न्यायिक जांच (ज्यूडिशियल इंक्वायरी) हो चुकी है, जिसमें पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया गया था। SP के अनुसार, जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ था कि हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने नियमों के तहत कार्रवाई की थी।
SP कृष्ण बिश्नोई ने कहा, “ज्यूडिशियल इंक्वायरी में पुलिस पर लगाए गए आरोप सही नहीं पाए गए थे। ऐसे में मुकदमा दर्ज करने का कोई आधार नहीं बनता। कोर्ट के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस कानून के दायरे में रहकर अपनी बात मजबूती से रखेगी।
इस मामले ने एक बार फिर पुलिस जवाबदेही और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर बहस तेज कर दी है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि उच्च अदालत में पुलिस की अपील पर क्या रुख अपनाया जाता है और आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है।
