जिला बुलंदशहर के ग्राम बेलौन निवासी कवि यतीश अकिञ्चन जी को साहित्यिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु बुंदेलखंड के पावन नगर ओरछा जिसे बुंदेलखंड की अयोध्या के रूप में भी जाना जाता है, परम पूजनीय श्री श्री रावतपुरा सरकार जी के कर-कमलों द्वारा ‘युवनाद सम्मान २०२६’ से सम्मानित किया गया।
दिनांक २६ फरवरी को २०२६ सुविख्यात राष्ट्रीय कवि श्री सुमित ओरछा जी की मंगल संकल्पना और संयोजन में बुंदेली रिसोर्ट ओरछा में साहित्यिक, सामाजिक व धार्मिक क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाली प्रतिभाओं का सम्मान ‘ युवनाद-२०२६’ किया जिसमें देश के विभिन्न भागों से प्रसिद्ध व प्रतिशाली व्यक्तित्व सम्मिलित हुए। कवि यतीश अकिंचन साहित्य की पद्य, गद्य दोनों विधाओं में सृजन करते हैं। दो वर्ष पूर्व उनका ‘विषाण’ नामक काव्य-संग्रह प्रकाशित हुआ था। इसके अतिरिक्त उनका ‘कीचक-वध’ नामक खंडकाव्य भी प्रकाशनाधीन है।
इस अवसर पर पूज्य रावतपुरा सरकार जी, पूज्य आचार्य देवव्रत जी, सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय कवि सुमित ओरछा जी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष सहित बुंदेलखंड की नामचीन हस्तियाँ उपस्थित रहीं।
