कर्णवास गांव गंगा घाट सर्दियों में हजारों किलोमीटर की उड़ान भर कर भारत आकर ठहरने वाले विदेशी प्रवासी पक्षियों के साथ कर्णवास के गंगा तट पर बेहद दुखद घटना सामने आई है। स्थानीय ग्रामीणों और पक्षी प्रेमियों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में करीब 20 से अधिक प्रवासी पक्षियों को मारा गया है और मृतक पक्षियों के अवशेष घाटों पर बिखरे पाए गए
प्रवासी पक्षी सामान्यत साइबेरिया, उत्तर यूरोप और मध्य एशिया से सर्दियों के मौसम में गंगा नदी के शांत जल में आश्रय लेते हैं, जो पर्यावरण और पर्यटन के लिए एक बड़ी ख़ुशी की बात होती है
लेकिन इस बार मामला बहुत गंभीर हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन पक्षियों की हत्या की गई है जिससे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। पक्षी प्रेमी और समर्थक इलाके के वन विभाग से इस घटना की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं
वहीं पर्यावरणविद् बताते हैं कि प्रवासी पक्षियों को नुकसान पहुँचाना न सिर्फ कानूनी रूप से के तहत अपराध है, बल्कि इससे पारिस्थितिक संतुलन भी बिगड़ता है। गंगा घाटों पर प्रवासी पक्षियों की मौत को रोकने के लिए लोगों को सतर्क और संवेदनशील रहने की ज़रूरत है।विशेषज्ञों की चेतावनी के अनुसार, विदेशी और अन्य प्रवासी पक्षी हर साल गंगा नदी के किनारे आते हैं और स्थानीय जैव विविधता का अभिन्न हिस्सा बनते हैं। इनकी सुरक्षा हमारी ज़िम्मेदारी हैस्थानीय प्रशासन और वन विभाग से जल्द मामले की औपचारिक जांच की उम्मीद जताई जा रही है और गांववासियों ने आरोपियों को दंडित करने की मांग
