कर्णवास (डिबाई)। श्री गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर कर्णवास स्थित श्री कल्याणी देवी गंगा घाट भक्ति, आस्था और उल्लास से जगमगा उठा। वंदनम गंगे मां भागीरथी सेवा ट्रस्ट द्वारा माँ गंगा के अवतरण दिवस को बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित भव्य महाआरती में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा घाट “हर-हर गंगे” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत 21 अप्रैल से अखंड रामायण पाठ के साथ हुई, जो 23 अप्रैल तक विधिवत रूप से संपन्न हुआ। 23 अप्रैल को गंगा सप्तमी के दिन विशेष पूजा-अर्चना के साथ माँ गंगा की भव्य आरती की गई। इस दौरान 2100 दीप प्रज्वलित कर घाट को दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया, जिसने पूरे वातावरण को अलौकिक बना दिया। श्रद्धालु दीपदान करते हुए माँ गंगा की भक्ति में लीन नजर आए।
वंदनम गंगे मां भागीरथी सेवा ट्रस्ट की टीम ने आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। घाट की आकर्षक सजावट, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। गंगा सेवकों की सक्रिय भूमिका और समर्पण ने आयोजन को भव्यता प्रदान की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से कर्णवास को नई पहचान मिल रही है और क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा मिल रहा है। श्री गंगा सप्तमी का यह आयोजन आस्था, एकता और श्रद्धा का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आया।
