ग्रेटर नोएडा में लापरवाही का आरोप: नाले में गिरी कार, घंटों तड़पता रहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, मौत
ग्रेटर नोएडा से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार एक सड़क हादसे के दौरान अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद युवराज कई घंटों तक मदद के लिए इंतजार करता रहा, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिल सकी, जिसके चलते उसकी मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा ग्रेटर नोएडा के एक अंधेरे और कम रोशनी वाले मार्ग पर हुआ। सड़क किनारे सुरक्षा बैरिकेड और चेतावनी संकेतों की कमी के कारण कार सीधे खुले नाले में जा गिरी। हादसे के बाद युवराज कार में फंसा रहा और मोबाइल फोन के जरिए मदद की कोशिश करता रहा, लेकिन समय रहते कोई राहत नहीं पहुंची।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पहले भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद नोएडा विकास प्राधिकरण ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। न तो नाले को ढका गया और न ही पर्याप्त स्ट्रीट लाइट या संकेतक लगाए गए।
युवराज मेहता के परिवार ने नोएडा विकास प्राधिकरण पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि अगर सड़क पर सुरक्षा के इंतजाम होते और समय पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया होता, तो युवराज की जान बचाई जा सकती थी। परिवार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
