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डिबाई तहसील में किसानों का उबाल: समस्याओं के समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

डिबाई, बुलंदशहर। क्षेत्र के किसानों में बढ़ती समस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता के चलते गहरा आक्रोश व्याप्त है। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने एक बार फिर अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया है। बावजूद इसके, किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायत और अवगत कराने के बाद भी उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। किसी भी स्तर पर ठोस समाधान न मिलने से किसानों में निराशा और रोष दोनों बढ़ते जा रहे हैं।

इसी क्रम में किसानों ने बड़ा निर्णय लेते हुए 4 मई 2026 से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने की घोषणा की है। किसानों का कहना है कि अब उनके पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं बचा है। यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सुनवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।

किसानों द्वारा उठाई गई प्रमुख समस्याओं में सबसे गंभीर मुद्दा आवारा पशुओं और बंदरों का है, जो फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान दिन-रात मेहनत कर फसल तैयार करते हैं, लेकिन इन जानवरों के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। इसके अलावा बिजली व्यवस्था को लेकर भी किसानों में भारी नाराजगी है। स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करते हुए किसानों ने जर्जर बिजली लाइनों और तारों को बदलने तथा लाइन ब्रॉडबैंड (विस्तार) की मांग की है।

खतौनी में नाम गलत दर्ज होने की समस्या भी किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत होती है। वहीं चकमार्ग और जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं, जिन पर प्रशासन की कार्रवाई न के बराबर है।

एक अन्य गंभीर मुद्दा सड़कों पर भट्टों द्वारा मिट्टी डालने का है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। किसानों ने नरौरा प्लांट से क्षेत्र में बेहतर बिजली और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई है। साथ ही नहर और बम्बों में समय से पानी न आने के कारण सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिससे फसलों की पैदावार पर असर पड़ रहा है।

सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीद न होने का मुद्दा भी किसानों के गुस्से का बड़ा कारण है। किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी उपज औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर होना पड़ता है।

भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र फौजी ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। वहीं डिबाई तहसील अध्यक्ष अभय सिंह लोधी ने बताया कि यह आंदोलन किसानों के हक और अधिकार की लड़ाई है, जिसे हर हाल में जारी रखा जाएगा।

कुल मिलाकर, डिबाई क्षेत्र में किसानों का यह आंदोलन प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी बनकर उभर रहा है। यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।

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