
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज नई शिक्षा नीति, NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आयोजित CJP के विरोध प्रदर्शन में लाखों की संख्या में युवा, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता जुटे। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग जोर-शोर से उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। साथ ही छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की गई।
इस दौरान आंदोलन में शामिल भगत सिंह जी से भी मुलाकात हुई। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेगा।
प्रदर्शन में सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से चल रहे उनके अनशन को पुलिस प्रशासन द्वारा जबरन समाप्त कराया गया, जिससे युवाओं में भारी आक्रोश है।
आंदोलनकारियों ने ऐलान किया कि 20 जुलाई को संसद भवन का घेराव किया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों को न्याय और उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
रिपोर्ट: सौरभ आर्जव
