Wed. Jul 1st, 2026

डॉ भीमराव अंबेडकर पार्क में सचिवालय निर्माण को लेकर ग्रामीणों में रोष, जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग

चरौरी रानी कात्यानी (डिबाई), बुलंदशहर | सौरभ आर्जव की रिपोर्ट

विकासखंड डिबाई के ग्राम चरौरी रानी कात्यानी स्थित लगभग 35 वर्ष पुराने डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बुलंदशहर को प्रार्थना पत्र देकर पार्क परिसर में बनाए गए सचिवालय एवं अन्य कमरों को अवैध बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि पार्क की भूमि समाजसेवी मोहनलाल मुकद्दम द्वारा वर्षों पहले दान की गई थी तथा पार्क में करीब 30 वर्षों से डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है। आरोप है कि वर्ष 2025 में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि एवं ग्राम सचिव की मिलीभगत से पार्क परिसर में दो कमरों का निर्माण कराया गया, जिनमें एक को पंचायत सचिवालय और दूसरे को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में उपयोग किया जा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के समय लोगों को यह कहकर सहमति दिलाई गई थी कि यह भवन सामाजिक कार्यों एवं बेटियों की शादियों के दौरान बारात ठहराने के लिए उपयोग होगा, लेकिन वर्तमान में इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। हाल ही में एक विवाह समारोह के दौरान भी भवन और पानी की व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे लोगों में असंतोष और बढ़ गया।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पार्क के मुख्य द्वार पर पंचायत सचिवालय की नेमप्लेट लगा दी गई है, जबकि यह भूमि और पार्क डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से स्थापित है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है और वे पार्क की मूल पहचान बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पार्क परिसर में बने कथित अवैध कमरों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए तथा मुख्य द्वार से सचिवालय की नेमप्लेट हटाकर पुनः डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क की नेमप्लेट स्थापित कराई जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

 सौरभ आर्जव
विशेष संवाददाता
बुलंदशहर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *