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7 नवंबर से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा जिसमें 300 से अधिक शामिल होंगे मुसलमान

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (पीठाधिकारी, बागेश्वर धाम) ने 7 नवंबर 2025 से दिल्ली के छतरपुर इलाके स्थित कात्यायनी माता मंदिर से राष्ट्रगान एवं हनुमान चालीसा कर “सनातन हिंदू एकता पदयात्रा” नामक यात्रा का शुभारंभ किया है, जो दिल्ली से निकलकर हरियाणा व उत्तर प्रदेश से होते हुए वृंदावन तक चलेगी। इस यात्रा की दूरी लगभग 150 किलोमीटर बताई जा रही है और यह 10 दिन-करीब, तकरीबन 7 से 16 नवंबर तक चलेगी। यात्रा का उद्देश्य “हिंदू एकता”, “सनातन धर्म की वैचारिक जागृति” और “जाति-वाद को मिटाना” बताया गया है। यात्रा में विभिन्न समुदायों की भागीदारी की बात सामने आई है — उदाहरण के लिए 300 से अधिक मुसलमानों ने भी इस पदयात्रा में शामिल होने की जानकारी दी गई है। आयोजन से पहले ट्रैफिक और सुरक्षा संबंधी तैयारी की गई है,दिल्ली में प्रमुख मार्गों को बंद किया गया है और पुलिस-क्राइम ब्रांच-ड्रोन सहित निगरानी का प्रबंध किया गया है। पदयात्रा के दौरान सुबह 7 बजे शुरू और शाम 6 बजे समाप्त होने की व्यवस्था है, तथा सुरक्षा-भोजन आदि का इंतज़ाम बताया गया है। इस यात्रा को “हिंदू राष्ट्र” की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसे कुछ लोग समर्थन दे रहे हैं एवं कुछ आलोचना कर रहे हैं जाति-वाद, सामाजिक समरसता जैसे विचारों पर यह यात्रा जोर दे रही है, लेकिन इस पर विभिन्न तरह के सामाजिक-राजनीतिक प्रश्न उठ रहे हैं। यह पदयात्रा धार्मिक-सामाजिक संदर्भ में महत्वपूर्ण दिखाई देती है, जिसमें आस्था, एकता और सामाजिक संदेश संयोजित है।

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ट्रैक्टर थ्रेसर में फंसकर युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम अतरौली। कोतवाली क्षेत्र के गांव नऊरी भोजपुर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे में 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक ट्रैक्टर-थ्रेसर से करब की कुट्टी गोदते समय मशीन में फंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव नऊरी भोजपुर निवासी विवेक पुत्र जालीम सिंह (23 वर्ष) शुक्रवार रात करीब 10 बजे ट्रैक्टर-थ्रेसर से करब की कुट्टी तैयार करने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका हाथ मशीन में फंस गया और देखते ही देखते वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों एवं ग्रामीणों ने तत्काल घायल विवेक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अतरौली पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। देर रात उपचार के दौरान विवेक ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। विवेक अपने परिवार का बड़ा बेटा था और दो भाइयों में सबसे बड़ा था। ग्रामीणों ने बताया कि वह मेहनती और मिलनसार स्वभाव का युवक था। उसके असामयिक निधन से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। शनिवार को गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनों के संचालन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।