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डिबाई से कर्णवास के लिए कब बनेगा बाईपास

डिबाई में ट्रैफिक संकट गहराया, 12–15 किमी लंबे नए बाईपास की मांग तेज
25–30 गांवों को मिलेगा हाईवे से सीधा लाभ

बुलंदशहर। लगातार बढ़ते ट्रैफिक डिबाई और जाम से जूझ रहे हैं डिबाई क्षेत्र के लिए एक बड़े राहत प्रस्ताव की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने नीम नदी छोइया के पुल से कर्णवास–इच्छावरी–हुसैनपुरा–सबलपुर–करीरी होते हुए भीमपुर दोराहे तक लगभग 12 से 15 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण को तत्काल शुरू करने की मांग उठाई है।

डिबाई और आसपास के इलाकों में बीते कुछ वर्षों में यातायात का दबाव कई गुना बढ़ा है। संकरी सड़कों और लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम जनता, स्कूलों के बच्चों, व्यापारियों और किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

बाईपास बनने से 25–30 गांवों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रस्तावित बाईपास बन जाने पर कर्णवास बेल्ट के करीब 25 से 30 गांव सीधे हाईवे से जुड़ जाएंगे। इससे यात्रियों का समय बचेगा, भारी वाहनों को आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा और सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा।

विकास की नई राह खोलेगा यह बाईपास
जानकारों का मानना है कि इस बाईपास के निर्माण से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, कृषि उत्पादों की आवाजाही तेज होगी और नए रोजगार अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, डिबाई कस्बे में जाम और दुर्घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम होगा।

ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए इस महत्वपूर्ण बाईपास परियोजना को प्राथमिकता में शामिल कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।

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