Sun. Jun 21st, 2026

 

 

(बुलंदशहर) डिबाई ग्राम पंचायत कर्णवास में लगे सरकारी हैडपंप की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। गांव के प्रमुख पेयजल स्रोतों में से एक इस हैडपंप के आसपास पटिया न बनने के कारण मिट्टी धीरे-धीरे धंसने लगी है, जिससे वहां एक बड़ा गड्ढा बन गया है। मिट्टी बैठने और जमीन के धंसने से हैडपंप का बोरिंग भी खराब होने की स्थिति में पहुंच

गया है, जिसके कारण ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता दोनों देखने को मिल रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हैडपंप की स्थापित जगह पर मजबूत पटिया कभी नहीं बनाई गई। समय के साथ आसपास की मिट्टी बहती रही और जमीन कमजोर होती गई। पिछले कुछ महीनों से यह समस्या और गंभीर होती चली गई है। वर्तमान में स्थिति यह है कि हैडपंप के चारों ओर बनी मिट्टी लगातार गिर रही है और एक खतरनाक गड्ढा बन चुका है। इस गड्ढे की वजह से हैडपंप हिलने लगा है और इसके बोरिंग के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही पटिया नहीं डाली गई तो हैडपंप पूरी तरह से बेकार हो सकता है, जिससे गांव के सैकड़ों लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ेगा। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को कई बार ग्राम पंचायत व पंचायत सचिव के संज्ञान में लाया गया है। लिखित व मौखिक दोनों रूपों में शिकायतें की गईं, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं लेकिन जमीन पर काम बिल्कुल नहीं होता। कई लोगों ने बताया कि बरसात के दिनों में यह समस्या और अधिक खतरनाक हो जाती है, क्योंकि मिट्टी और तेजी से धंसती है। ऐसे में हैडपंप के आसपास किसी के गिरने और चोटिल होने की आशंका भी बनी रहती है। बच्चे अक्सर हैडपंप के आसपास खेलने आते हैं, इसलिए दुर्घटना की संभावना और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कहा है कि हैडपंप की मरम्मत और पटिया निर्माण का काम तत्काल शुरू कराया जाए। गांव के लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में गांव की मूलभूत सुविधाओं को सुधारने के लिए पर्याप्त धनराशि आती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका सही उपयोग नहीं हो रहा। हैडपंप जैसी बुनियादी सुविधा पर ध्यान न दिया जाना प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट संकेत है। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द मजबूत सीमेंटेड पटिया बनवाई जाए, ताकि हैडपंप सुरक्षित रहे और लोगों को लगातार पेयजल मिलता रहे। साथ ही उन्होंने पंचायत से यह भी अपील की है कि गांव में लगे सभी हैडपंपों की नियमित जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। कर्णवास गांव के लोगों की यह समस्या प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई की मांग करती है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो न केवल एक बड़ा पेयजल संकट खड़ा हो सकता है, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। अब देखना यह है कि ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारी ग्रामीणों की गंभीर शिकायतों पर कब तक ध्यान देते हैं और इस समस्या का समाधान कब तक होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

ट्रैक्टर थ्रेसर में फंसकर युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम अतरौली। कोतवाली क्षेत्र के गांव नऊरी भोजपुर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे में 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक ट्रैक्टर-थ्रेसर से करब की कुट्टी गोदते समय मशीन में फंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव नऊरी भोजपुर निवासी विवेक पुत्र जालीम सिंह (23 वर्ष) शुक्रवार रात करीब 10 बजे ट्रैक्टर-थ्रेसर से करब की कुट्टी तैयार करने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका हाथ मशीन में फंस गया और देखते ही देखते वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों एवं ग्रामीणों ने तत्काल घायल विवेक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अतरौली पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। देर रात उपचार के दौरान विवेक ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। विवेक अपने परिवार का बड़ा बेटा था और दो भाइयों में सबसे बड़ा था। ग्रामीणों ने बताया कि वह मेहनती और मिलनसार स्वभाव का युवक था। उसके असामयिक निधन से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। शनिवार को गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनों के संचालन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।