
अतरौली: बिना लाइसेंस वाले अस्पतालों में ‘मौत’ का खेल, ऑपरेशन के दौरान महिला ने तोड़ा दम*
अलीगढ़ (अतरौली): तहसील अतरौली क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे प्राइवेट अस्पतालों और क्लीनिकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। ताज़ा मामला छर्रा रोड स्थित ‘यश अस्पताल’ का है, जहाँ एक 40 वर्षीय महिला की ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और इलाके में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम कदौली निवासी सर्वेश देवी (40 वर्ष), पत्नी स्वर्गीय गेंदालाल, को करीब पांच दिन पहले इलाज के लिए यश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के पास न तो वैध लाइसेंस है और न ही वहाँ कोई योग्य डॉक्टर तैनात है। इसके बावजूद, बिना किसी विशेषज्ञ के महिला का ऑपरेशन किया गया, जिसके दौरान उसकी मौत हो गई।मृतक महिला अपने पीछे चार बेटियां छोड़ गई हैं। बताया जा रहा है कि एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि चार बेटियां अब अनाथ हो गई हैं, क्योंकि तीन साल पहले उनके पिता गेंदालाल की भी मृत्यु हो चुकी है!
👉स्वास्थ्य विभाग पर ‘मिलीभगत’ के आरोप
अतरौली क्षेत्र में यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में ऐसे दर्जनों अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं जिनके पास न डिग्री है और न ही रजिस्ट्रेशन। बोर्ड पर बड़े-बड़े डॉक्टरों और एमडी (MD) के नाम लिखे होते हैं, लेकिन असल में ऑपरेशन झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा किए जाते हैं।जनता के बीच यह चर्चा आम है कि इन अवैध अस्पतालों को जिला स्वास्थ्य विभाग और अलीगढ़ स्वास्थ्य विभाग कार्यालय का संरक्षण प्राप्त है। आरोप है कि हर मौत के बाद मोटी रकम लेकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है। लोगों का कहना है कि इस मामले में भी “2 लाख रुपये विभाग तक पहुँचाने” और कार्रवाई न होने की बातें सरेआम हो रही हैं।
👉बेखौफ संचालक, बेबस जनता
शिकायतों और मौतों के बावजूद इन अस्पतालों पर कोई ठोस कार्रवाई न होना शासन-प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर किसकी शह पर इन “मौत के अड्डों” को संचालित किया जा रहा है? क्या गरीब जनता की जान की कीमत सिर्फ चंद रुपयों का सौदा बनकर रह गई है?फिलहाल, पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। अब देखना यह होगा कि अलीगढ़ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इन अवैध अस्पतालों पर ताला लगाता है या फिर एक और मौत का इंतज़ार किया जाएगा
