कर्णवास को डिबाई से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है। सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है तथा गहरे गड्ढों और उखड़े डामर के कारण राहगीरों, श्रद्धालुओं, छात्रों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दे कि आगामी 24 जून को आयोजित होने वाले गंगा दशहरा मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने सड़क के शीघ्र पुनर्निर्माण की मांग उठाई है।
कर्णवास गंगा तट पर बसी ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी है, जहां मां कल्याणी देवी मंदिर, भूतेश्वर महादेव मंदिर तथा पावन गंगा घाटों पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। इसके अलावा डिबाई क्षेत्र के लगभग आधे हिस्से से लोग कर्णवास श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन जर्जर सड़क लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग केवल कर्णवास ही नहीं बल्कि दर्जनों गांवों की जीवनरेखा है। छात्र-छात्राएं शिक्षा के लिए, किसान मंडी एवं बाजार के लिए तथा ग्रामीण दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु प्रतिदिन इसी मार्ग से डिबाई आते-जाते हैं। वहीं अलीगढ़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ, दिल्ली और बदायूं जाने वाले लोगों के लिए भी डिबाई मुख्य संपर्क केंद्र होने से इस सड़क का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
सामाजिक संस्था “वंदनम् गंगे टीम” ने सड़क की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए जल्द निर्माण की मांग की है।
टीम के संस्थापक वेदप्रकाश एडवोकेट ने कहा कि गंगा दशहरा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन से पूर्व सड़क का निर्माण कराया जाना अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा श्रद्धालुओं एवं आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द ही अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। वही क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि गंगा दशहरा मेले से पूर्व कर्णवास-डिबाई मार्ग का पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि तीर्थ नगरी आने वाले श्रद्धालुओं और आम जनता को राहत मिल सके।
