Sun. Jun 21st, 2026

अंबेडकर पार्क में बनाई उधम सिंह जयंती

डिबाई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कर्णवास मे युवा मंगल दल ने26 दिसंबर को सरदार उधम सिंह को याद किया इस अवसर पर युवा मंगल दल के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए इस बीच योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया
शहीद-ए-आज़म सरदार उधम सिंह: जलियांवाला बाग़ के शहीदों को दिलाया इंसाफ
नई दिल्ली: भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सरदार उधम सिंह का नाम साहस, बलिदान और अटूट संकल्प का प्रतीक है एवं युवा मंगल दल अध्यक्ष सौरभ कुमार ने बताया कि उन्होंने 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग़ में हुए नरसंहार के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
सरदार उधम सिंह उस समय जलियांवाला बाग़ में मौजूद थे और उन्होंने निर्दोष लोगों पर हुई क्रूर कार्रवाई को अपनी आँखों से देखा। इसी घटना ने उनके जीवन की दिशा तय कर दी। वर्षों बाद, 13 मार्च 1940 को लंदन के कैक्सटन हॉल में उन्होंने माइकल ओ’ड्वायर को जवाबदेह ठहराया, जो उस समय पंजाब का लेफ्टिनेंट गवर्नर था और जलियांवाला बाग़ की नीति का समर्थक माना जाता था।
इस घटना के बाद सरदार उधम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। मुकदमे के दौरान उन्होंने अपने कृत्य की जिम्मेदारी ली और किसी भी प्रकार की क्षमा याचना से इनकार किया। 31 जुलाई 1940 को उन्हें फाँसी दी गई। उन्होंने अपने बलिदान से यह संदेश दिया कि अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना ही सच्ची देशभक्ति है।
आज भी सरदार उधम सिंह युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि सत्य और न्याय के लिए संघर्ष करने वालों की गूँज समय से परे होती है इस डॉ गदर पार्टी से जुड़े और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय हुए. 1927 में भगत सिंह के कहने पर भारत लौटे, लेकिन अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार हुए और जेल गए मौजूद रहे
सौरभ कुमार
अशोक कुमार गौतम
डॉ पंकज कुमार गौतम
योगेंद्र कुमार सिंह
अरुण कुमार
विष्णु गौतम
आर्यन गौतम
खुशबू कुमारी
सीमा देवी
राम सिंह
टिंकू कुमार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

ट्रैक्टर थ्रेसर में फंसकर युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम अतरौली। कोतवाली क्षेत्र के गांव नऊरी भोजपुर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे में 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक ट्रैक्टर-थ्रेसर से करब की कुट्टी गोदते समय मशीन में फंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव नऊरी भोजपुर निवासी विवेक पुत्र जालीम सिंह (23 वर्ष) शुक्रवार रात करीब 10 बजे ट्रैक्टर-थ्रेसर से करब की कुट्टी तैयार करने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका हाथ मशीन में फंस गया और देखते ही देखते वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों एवं ग्रामीणों ने तत्काल घायल विवेक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अतरौली पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। देर रात उपचार के दौरान विवेक ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। विवेक अपने परिवार का बड़ा बेटा था और दो भाइयों में सबसे बड़ा था। ग्रामीणों ने बताया कि वह मेहनती और मिलनसार स्वभाव का युवक था। उसके असामयिक निधन से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। शनिवार को गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनों के संचालन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।