Sun. Jun 21st, 2026

  • k
    (पंकज बघेल, कर्णवास)

    डिबाई को बनाया जाए कल्याण सिंह नगर के नाम से 76 वां जिला
    डिबाई क्षेत्र के:- कर्णवास, अनूपशहर, राजघाट, नरौरा, रामघाट, बेलोंन और माँ गंगा की वजह से ही डिबाई को आस्था का केंद्र बिंदु माना जाता है डिबाई को जिला मुख्यालय बनाने पर लोग कल्याण सिंह नगर को अपने दिल में तीर्थस्थल का दर्जा देंगे क्योंकि डिबाई की आत्मा में अनेक पवित्र तीर्थ स्थल बसे हुए और इस जिले का हिस्सा बनने वाला प्रत्येक गाँव बाबूजी कल्याण सिंह जी को सच्ची श्रद्धांजलि देगा और स्थानीय लोग बाबूजी कल्याण सिंह जी से प्रेरित होकर उनके पद चिह्नों पर चलते हुए कार्य करेंगे डिबाई क्षेत्र की जनता को हर प्रकार की सुविधा का लाभ मिलेगा किसान भाइयों को समस्याओं का समाधान कराने हेतु दूर नहीं जाना पड़ेगा माता बहनों कुछ कार्य कराने हेतु दूर जाने में जो कष्ट होता था उससे लाभ मिलेगा युवा शक्ति को भी लाभ मिलेगा।


    (सौरभ कुमार)

    *सौरभ कुमार युवा मंगल दल अध्यक्ष*
    डिबाई को ही जिला क्यों बनाए क्यूंकि
    डिबाई जनसंख्या एवं क्षेत्रफल की दृष्टि से अतरौली से बेहतर है
    डिबाई से दूर दराज के लिए ट्रांसपोर्ट, रेल मार्ग,बस मार्ग की सेवा सुविधा उपलब्ध है
    डिबाई से आगरा , मेरठ , बरेली, मुरादाबाद, दिल्ली 100 km के बीच एक मैन स्थान है
    डिबाई से 3 हाइवे निकलते है दिल्ली से बदायूं, मेरठ से बदायूं ,आगरा से मुरादाबाद
    डिबाई से अलीगढ़ 45 km, डिबाई से बुलंदशहर 56 Km , डिबाई से सम्भल 50 Km की दूरी पर है
    डिबाई में चार रेलवे स्टेशन भी है जहां पर दूर तक की रेल यातायात साधन भी है और रेल का स्टॉप भी है
    डिबाई बाबू जी कल्याण सिंह जी की कर्म स्थली भी है जहां नरौरा में कल्याण सिंह जी के नाम एक समाधि स्थली बनी हुई है
    डिबाई में नरौरा गंगा बैराज है जहां दूर दूर से लोगों का आना रहता है डिबाई में राजघाट और करनवास गंगा घाट है जो बहुत सालों से दूर दूर से आकर मेला का आयोजन किया जाता है
    डिबाई नगर के आसपास बहुत से प्राचीन गांव और प्राचीन देवी माता के मंदिर है जिसमें बैलोंन, में मां बेला भवानी मंदिर है जो नवदुर्गा पूजा में बहुत मात्रा में श्रद्धालु आते हैं गांव कर्णवास भी बहुत बड़ा आस्था का केंद्र बिंदु है

    (योगेंद्र कुमार)

    डिबाई जिला मुख्यालय बनाए जाने से किसान भाइयों को माता बहनों को अनेक प्रकार के फायदे हैं जैसे 50 किलोमीटर दूरी से जनता को फायदा होगा आने जाने का समय बचेगा अगर कोई भी व्यक्ति को बुलंदशहर जाने में पूरा दिन लगता है उसके बाद भी काम नहीं हो पता है अगर डिबाई जिला मुख्यालय बना तो हर वो व्यक्ति अपना काम कर सकता है जो बुलंदशहर जाने में सक्षम नहीं है।

    (प्रमुख कुमार)

    बाबूजी कल्याण सिंह के नाम से अपने उत्तर प्रदेश में 76 वां में जिला बनने को जा रहा है जिसमें से कुछ अलीगढ़ क्षेत्र में से काटकर जैसे की अतरौली व गंगीरी और डिबाई जैसे अन्य कुछ क्षेत्रों को भी जोड़कर एक कल्याण सिंह नगर के नाम से यह जिला घोषित किया जा रहा है मेरा सभी से यह निवेदन है की विधानसभा क्षेत्र डिबाई में ही कार्यालय प्राधिकरण बनाया जाए तो हमारे सभी लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जो व्यक्ति अपने 10 मिनट काम के लिए 45 किलोमीटर दूर जाते हैं उसमें कम से कम दो से ढाई घंटा का समय लगता है अपने डिबाई क्षेत्र में प्राधिकरण कार्यालय ऑफिस बनेगा बहुत सी समस्या का समाधान भी हो जाएगा अगर यह सभी प्राधिकरण कार्यालय अतरौली में बनता है तो हमारे क्षेत्र के व्यक्तियों को फिर भी वही परेशानी उठानी पड़ेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

ट्रैक्टर थ्रेसर में फंसकर युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम अतरौली। कोतवाली क्षेत्र के गांव नऊरी भोजपुर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे में 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक ट्रैक्टर-थ्रेसर से करब की कुट्टी गोदते समय मशीन में फंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव नऊरी भोजपुर निवासी विवेक पुत्र जालीम सिंह (23 वर्ष) शुक्रवार रात करीब 10 बजे ट्रैक्टर-थ्रेसर से करब की कुट्टी तैयार करने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका हाथ मशीन में फंस गया और देखते ही देखते वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों एवं ग्रामीणों ने तत्काल घायल विवेक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अतरौली पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। देर रात उपचार के दौरान विवेक ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। विवेक अपने परिवार का बड़ा बेटा था और दो भाइयों में सबसे बड़ा था। ग्रामीणों ने बताया कि वह मेहनती और मिलनसार स्वभाव का युवक था। उसके असामयिक निधन से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। शनिवार को गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनों के संचालन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।