Sun. Jun 21st, 2026

ग्रामपंचायत कर्णवास के आँचल में कीचड़ के दाग

डिबाई क्षेत्र की बदहाल गली ग्राम पंचायत की उदासीनता उजागर करती है। ग्राम पंचायत कर्णवास की एक गली आज ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। हालात इतने बदतर हैं कि इस गली से किसी भी व्यक्ति का निकलना दूभर हो गया है। बरसात के मौसम में गली कीचड़ से इस कदर भर जाती है कि पैदल चलना तो दूर, लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वर्षों से यह गली कई प्रधानों के कार्यकाल को देख चुकी है, लेकिन किसी ने भी इसकी ओर ध्यान देना उचित नहीं समझा। गांव के कई सम्मानित नागरिकों ने इस समस्या को लेकर कई बार आवाज उठाई, शिकायतें कीं और अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन उच्च अधिकारियों ने भी इस गंभीर समस्या पर कभी नजर नहीं डाली। स्थानीय लोगों का कहना है कि गली की दुर्दशा ग्राम पंचायत कर्णवास की कार्यप्रणाली की पोल खोल रही है। विकास के दावों के बीच यह गली कर्णवास के आँचल पर लगे कीचड़ के दाग की तरह साफ नजर आती है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रोजाना इस गली से गुजरते समय भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस गली का निर्माण कार्य कराया जाए और वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि ग्राम पंचायत वास्तव में विकास की राह पर आगे बढ़ सके

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ट्रैक्टर थ्रेसर में फंसकर युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम अतरौली। कोतवाली क्षेत्र के गांव नऊरी भोजपुर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे में 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक ट्रैक्टर-थ्रेसर से करब की कुट्टी गोदते समय मशीन में फंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव नऊरी भोजपुर निवासी विवेक पुत्र जालीम सिंह (23 वर्ष) शुक्रवार रात करीब 10 बजे ट्रैक्टर-थ्रेसर से करब की कुट्टी तैयार करने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका हाथ मशीन में फंस गया और देखते ही देखते वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों एवं ग्रामीणों ने तत्काल घायल विवेक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अतरौली पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। देर रात उपचार के दौरान विवेक ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। विवेक अपने परिवार का बड़ा बेटा था और दो भाइयों में सबसे बड़ा था। ग्रामीणों ने बताया कि वह मेहनती और मिलनसार स्वभाव का युवक था। उसके असामयिक निधन से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। शनिवार को गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनों के संचालन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।